तमाम रसूख वाले साथ हैं तो भला बरेली क्लब की कार्यप्रणाली पर कौन सवाल उठाएगा। इसी हनक में संस्था संचालक टैक्स चोरी में कोई गुरेज नही करते हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर मनाए गए जश्न के लिए क्लब परिसर में विशेष बार सजा। करीब दो हजार मेहमान थे। कई तरह की शराब और बीयर यहां उपलब्ध थी, आधी रात के बाद तक जाम छलके लेकिन आबकारी विभाग के रिकार्ड के मुताबिक यहां सिर्फ 12 बोतल शराब बिकी और वह भी सिर्फ दो ब्रांड की। इस पहेली का सच जानने के लिए जब क्लब के सचिव से सवाल किया गया तो उनका टका सा जवाब था, कितनी शराब पी गई इस बारे में डीएम से पूछें।
बरेली क्लब का अपना बार है लेकिन बार हाल से बाहर मदिरा पान के लिए अस्थाई लाइसेंस लेने की जरूरत होती है। क्लब परिसर में नए वर्ष के आगमन का जश्न मनाने के लिए क्लब प्रबंधन ने आबकारी विभाग से सिर्फ छह बोतल ब्लेंडर प्राइड व्ह्स्किी और छह बोतल ब्लैक डॉग स्कॉच इस्तेमाल करने का अस्थाई लाइसेंस लिया। न्यू इयर के जश्न में दो हजार से ज्यादा मेहमान और सदस्य क्लब पहुंचे थे। क्लब ने ब्लेंडर प्राइड और ब्लैक डॉग ही नहीं रात भर टीचर्स, शिवाज रीगल, हंड्रेड पाइपर, रम समेत विभिन्न मदिरा ब्रांड परोसे। क्लब ने स्कॉच की कीमत दो सौ रुपये, व्हिस्की 80, रम 46 रुपये प्रति पैग और बीयर 160 रुपये रखी थी। यानी क्लब ने अवैध रूप से शराब बेच कर टैक्स की चोरी कर ली। एक अनुमान के मुताबिक क्लब ने न्यू इयर जश्न में दो सौ से ज्यादा बोतलों की बिक्री की। लाइसेंस शर्तों के अनुसार 31 दिसंबर शाम सात से रात 12 बजे तक ही मदिरापान किया जाना था मगर अस्थाई बार रात दो बजे तक चली। यानी लाइसेंस का इस्तेमाल दो तिथियों में किया गया। आबकारी नियमों के अनुसार परमिट से तय समय के बाद शराब परोसना लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन है। इस संबंध में जब बरेली क्लब के सचिव से बात करने की कोशिश की गई तो उनका कहना था कि यहां सारा काम नियम से होता है। कोई शक हो तो डीएम से पूछ लें।
‘न्यू इयर जश्न मे तकरीबन दो हजार लोग क्लब पहुंचे, रात पौने दो बजे तक कार्यक्रम जारी रहा। क्लब ने सदस्य मेहमानों की आवभगत की। लोगों ने जश्न मनाकर नए साल का स्वागत किया, जाम छलकाए।’
सीपीएस राठौर, सचिव, बरेली क्लब
बरेली क्लब के नव वर्ष आयोजन में सरकारी राजस्व की हानि की बात आ रही है तो इस मामले में एडीएम स्तर के अधिकारी से जांच कराई जाएगी।
संजय कुमार, जिलाधिकारी