बरेली। मुंशीनगर, सौ फुटा रोड के आबादी क्षेत्र को जलभराव से निजात दिलाने के लिए बनाई गई 64 करोड़ रुपये की नाला निर्माण योजना बजट न मिलने से अटक गई है। एक दशक से जलभराव झेल रही एक लाख की आबादी को इस बार बरसात में फिर यह परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोग बार-बार मांग रहे हैं, लेकिन अफसर आश्वासन और एस्टीमेट से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। नगर निगम के कहने पर सीएंडडीएस ने दो नालों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया था, लेकिन उनको मंजूरी नहीं मिल सकी।
अर्बन फ्लड जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टार्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत जल निगम की कंस्ट्रक्शन एवं डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) डिवीजन ने त्रिशूल चौराहे से सौ फुटा रोड तक 2,200 मीटर और मुंशीनगर से सौ फुटा रोड होते हुए नकटिया नदी तक 2,700 मीटर नाले के निर्माण की परियोजना बनाई थी। 29 जनवरी को जल निगम ने इसे अपने मुख्यालय और नगर विकास निदेशालय को भेजा, लेकिन शासन स्तर से बजट का आवंटन हो सका।
मुंशीनगर और सौ फुटा रोड के लोगों का कहना कि जैसे ही बारिश शुरू होती है, आवागमन में दिक्कत शुरू हो जाती है। कुछ लोगों के घरों में पानी घुस जाता है। इसी मुद्दे पर 10 अप्रैल 2023 को लोग सड़क पर उतर आए थे। पीलीभीत बाइपास पर पांच घंटे तक जाम लगाया था। तब नगर निगम के तत्कालीन अधिकारियों ने नाला निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। ब्यूरो
मेरे वार्ड में नालों का निर्माण ही नहीं हुआ है। मैं बार-बार इस मुद्दे को उठाता रहा हूं। बदले में सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। अब मैं नगर आयुक्त और महापौर से मिलकर अपनी बात रखूंगा। - अरुण कुमार, पार्षद, वार्ड संख्या 10 (मुंशीनगर और बड़ी बिहार)
अगले वित्तीय वर्ष में परियोजना को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, तब तक नगर निगम अपने संसाधनों से काम कराएगा। जलभराव रोकने के लिए 15 जून तक नालों की सफाई करा ली जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
शासन स्तर पर मंथन जारी है। जल निकासी के मास्टर प्लान को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके बाद जरूरत के मुताबिक नालों का निर्माण होगा। तब तक मौजूदा संसाधनों से काम चलाया जाएगा। -रघुवंश राम, परियोजना निदेशक, सीएंडडीएस