बरेली। डॉ. अनिल शर्मा ने अपना पर्चा भले ही नामांकन वाले दिन चुपके से जमा कर दिया था लेकिन उसे वापस लेने तमाम समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और गेट पर अखिलेश यादव तथा मुलायम सिंह यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। उनके साथ पार्टी नेता अरविंद यादव, शुभलेश यादव और लल्लू सिंह यादव थे। डीएम के सामने पर्चा वापसी की अर्जी देते वक्त मीडिया वालों के सामने डॉ. अनिल ने कई बार मुस्कुराने की कोशिश की। डीएम उनकी अर्जी को करीब पढ़ते रहे और डॉ. अनिल चुप बैठे रहे। डीएम ने कहा- आपका पर्चा वापस हो गया है तो धन्यवाद कहकर बाहर निकल गए।
मीडिया वालों ने पहला सवाल किया -टिकट कटवाने वाले साजिशकर्ताओं के बारे में क्या कहना चाहेंगे? सीधा जवाब देने के बजाय बोले- मैं तो पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी ने टिकट दिया तो नामांकन करा दिया। काट दिया तो पर्चा वापस ले लिया। जब पूछा कि टिकट क्यों काटा गया? तो दर्द बाहर आ ही गया। बोले- कुछ लोगों को सैफई परिवार का मेरे प्रति स्नेह रास नहीं आया। वे जानते थे कि अगर मेरा टिकट नहीं कटा होता तो निर्विरोध जीतता। अब इन लोगों को सोचना है कि वे आजम खां के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाएंगे या उसे जिसे इन्होंने भाजपा का टिकट दिलवाया है। भाजपा के जो प्रत्याशी हैं, नामांकन से पहले जब वह मोदी की रैली स्थल पर गए थे तो उनकी गाड़ी पर सपा का झंडा लगा हुआ था। डॉ. अनिल ने कहा कि वह पार्टी के प्रत्याशी जिताने के लिए पूरा प्रयास करेंगे।
अब छह प्रत्याशी
बरेली। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की रामपुर-बरेली स्थानीय निकाय सीट पर अब छह प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं। बृहस्पतिवार को सबसे पहले सपा नेता डॉ. अनिल शर्मा ने अपना पर्चा वापस लिया। उन्होंने अपने भतीजे शलभ पथिक का पर्चा भी वापस कराया। तीसरा पर्चा मशकूर अहमद ने वापस लिया। अब सपा के घनश्याम सिंह लोधी, भाजपा के पीपी सिंह गंगवार, आईएमसी समर्थित माधवी साहू और तीन निर्दलीय चंद्रभोज पाठक,कयूम शाह और डॉ. प्रेमपाल सिंह यादव मैदान में बचे हैं।