नवाबगंज। तहसील क्षेत्र के गंगापुर गांव की सरकारी भूमि पर बाबा साहब डाॅ. भीमराव आंबेडकर की फलैक्स को हटाकर उनकी प्रतिमा को उनके अनुयायियों ने रातों-रात लगा दी। मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में रोष है। शिकायत मिलने पर प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करते हुए प्रशासन की बिना अनुमति के प्रतिमा लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक अधिकारी प्रतिमा को सरकारी भूमि से नहीं हटवा सके हैं। इसको लेकर गांव में तनाव बना हुआ है।
ग्राम पंचायत बड़ागांव के गंगापुर गांव में शुक्रवार की रात सरकारी भूमि के नाम दर्ज देवस्थान पर बाबा साहब की प्रतिमा को स्थापित कर दिया गया। शनिवार की सुबह जब ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध किया। मामला प्रशासन के संज्ञान में आते ही तहसील और पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। गांव के दोनों पक्षों को बुलाकर मामले का हल निकालने का प्रयास किया जाने लगा, लेकिन शाम तक मामले का हल नहीं निकल सका। गांव का एक पक्ष प्रतिमा को हटवाने की मांग कर रहा है, जबकि बाबा साहब के अनुयायी प्रतिमा को हटाने को राजी नहीं है। इसको लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
डाॅ. आंबेडकर की जयंती पर उनके अनुयायियों ने सरकारी भूमि पर उनकी फलैक्स लगा दी थी। मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने फलैक्स को हटवा दिया था, लेकिन इसे दोबारा लगा दिया गया। पिछले दिनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया, लेकिन प्रशासन ने इसे नहीं हटाया। इधर, इस मामले में कोतवाल राहुल सिंह ने बताया कि इस मामले में प्रशासन लगातार दूसरे पक्ष से वार्ता कर रहा है। शीघ्र मामले का हल निकाल लिया जाएगा। संवाद
मामला मेरे संज्ञान में आया है। अधिकारियों को जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रतिमा को बिना अनुमति के लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-उदित पवार एसडीएम नवाबगंज
खतौनी में गाटा संख्या 51 सरकारी भूमि में देवस्थान के नाम से दर्ज है। प्रतिमा को लगाने से पहले अनुमति लेनी चाहिए थी। प्रतिमा को लगाने वालों ने कुछ समय मांगा है। यदि स्वेच्छा से प्रतिमा को हटा लेते है तो सही है, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
-दुष्यंत प्रताप सिंह, तहसीलदार नवाबगंज