बरेली। तीन तलाक के खिलाफ कानून बनने के बाद जहां तलाक के मामलों में कमी आई है, वहीं महिलाओं को भी ज्यादती के खिलाफ आवाज उठाने का हौसला मिला है। इसी हौसले के बूतेे मीरगंज की रहने वाली एक महिला ने शौहर के जुल्मोसितम से तंग आकर उसे तलाक दे दिया। शरीअत में इस तरह के तलाक को तफवीज कहते हैं।
मीरगंज के मोहल्ला मीर खां की रहने वाली 25 वर्षीय गुलशन की शादी बाकरगंज निवासी अफसर अली से 19 अक्तूबर, 2015 को हुई थी। शादी में 80 हजार रुपये मेहर देना करार पाया गया। शादी के वक्त दोनों में यह करार भी हुआ था कि शौहर बीवी को प्यार से रखेगा और उसकी जरूरत ए जिंदगी को पूरा करेगा। बदले में बीवी भी हक ए ज़ौजियत अदा करती रहेगी। करार में एक शर्त यह भी थी कि अगर शौहर हिंसा करेगा और हकूक की अदायगी में नाकाम रहेगा तो पत्नी को यह अख्त्यिार होगा कि वह तलाक ए तफवीज का इस्तेमाल करके अपने शौहर को तलाक दे दे।
शादी के बाद से ही गुलशन के शौहर और उसके घरवाले दहेज में तीन लाख रुपये की मांग करने लगे। गुलशन के मायके वालों ने जब इस मांग को पूरा करने में लाचारी जाहिर की तो ससुराल वालों ने गुलशन के साथ मारपीट शुरू कर दी। उसे भूखा-प्यासा रखा जाने लगा। सात नवंबर, 2018 को शौहर ने उसे बुरी तरह मारा-पीटा और यातनाएं दीं। बाद में उसे यह कहकर घर से निकाल दिया कि जब तक तीन लाख रुपये लेकर नहीं आएगी तब तक घर में नहीं रखेंगे।
इस मामले में गुलशन ने कानूनी कार्रवाई भी की, लेकिन उसे अब तक गुजारा भत्ता नहीं मिला और न मेहर तथा दहेज वापस किया गया। इस बारे में जब पंचायत बैठी तो गुलशन के शौहर ने कहा कि न तो वह उसे तलाक देगा और न ही साथ रखेगा। ऐसे ही अधर में लटकाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर देगा। इसके बाद गुलशन ने अपने शौहर का डाक से तलाक नामा भेज दिया। कहा, इन हालात में वह शरीअत में दिए गए हक का इस्तेमाल कर तलाक-ए-तफवीज दे रही है।