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दोहरी मुसीबत : साइबर पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की जांच में खानापूरी कर लटका दिए जाते हैं मामले

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demo photo - फोटो : अमर उजाला
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गोलमाल : साइबर अपराधों की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कर रही पुलिस
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बरेली में साल भर में साइबर पोर्टल पर 868 शिकायतें दर्ज, 168 लंबित
शाहजहांपुर, पीलीभीत, बदायूं का भी हाल खराब, आईजी ने जताई नाराजगी

बरेली। एक तरफ साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, दूसरी तरफ पुलिस न उनका निस्तारण कर रही है न रिपोर्ट दर्ज कर रही है। सिर्फ जांच की खानापूरी कर शिकायत करने वालों को बहलाया जा रहा है। हाल ही में एडीजी साइबर क्राइम की समीक्षा में इसकी पुष्टि होने के बाद आईजी रमित शर्मा ने इस पर नाराजगी जताई है। रेंज के बरेली समेत चारों जिलों के कप्तानों को पत्र लिखकर उन्होंने शिकायतें निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
पिछले दिनों एडीजी साइबर क्राइम ने नेशनल साइबर पुलिस पोर्टल (एनसीआरपी) पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की तो पता चला कि पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हो रहा है, इस वजह से लंबित शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह स्थिति सामने आने पर आईजी रमित शर्मा ने बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत के कप्तानों को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि शिकायती पत्रों की जांच के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा रही है, यह गंभीर है। इसी वजह से लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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आईजी ने सभी कप्तानों सेे कहा है कि वे साइबर सेल की टीम को अपने सामने बैठाकर समीक्षा करें और शिकायतों का समय से निस्तारण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता का भी ध्यान रखा जाए।

25 शिकायतों पर फेल हुई बरेली पुलिस

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि इस पोर्टल पर बरेली जिले में अब 868 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से नौ शिकायतें दूसरे जिलों से संबंधित थीं और सात शिकायतें वादी ने वापस ले लीं। 659 शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया है और 25 शिकायतें ऐसी थीं, जिनमें पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती थी। इस तरह सात सौ शिकायतों का निस्तारण हो गया है और 168 शिकायतें अभी लंबित हैं, जिनके निस्तारण का प्रयास चल रहा है। उन्होंने बताया कि जांच में सही पाए जाने वाले सभी साइबर अपराधों की रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा रही है।

रेंज में सभी जिलों के कप्तान को साइबर अपराधों की समीक्षा करने और पोर्टल पर लंबित मामलों का निस्तारण कराने को कहा गया है। सप्ताह भर में इसकी रिपोर्ट भी मांगी है। - रमित शर्मा, आईजी

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