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डॉर्नियर भी ‘हवा’ में.. रूट लिस्ट में बरेली का नाम ही नहीं

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प्लेन (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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हवाई यात्रा में अभी और देर लगेगी, क्योंकि यात्रा कराने वाला डॉर्नियर खुद अभी ‘हवा’ में है। दरअसल नागरिक उड्डयन विभाग से जारी सूची के अनुसार ‘डॉर्नियर’ के रूट में बरेली-लखनऊ हवाई मार्ग शामिल ही नहीं है। डॉर्नियर 19 सीटर विमान है, जबकि विभाग ने इस मार्ग पर केवल 72 सीटों वाले हवाई जहाज संचालित करने की ही अनुमति दी है। इसलिए माना जा रहा है कि बरेली से अप्रैल में हवाई सेवाएं शुरू होना मुश्किल होगा। हालांकि टर्बों प्रबंधन मलेशिया से लगातार एयरक्राफ्ट जुटाने का प्रयास कर रहा है।

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प्रदेश सरकार ने विभिन्न छोटे मार्गों पर 19 सीटर ‘डॉर्नियर’ सेवाएं संचालित करने की अनुमति दी है, लेकिन बरेली समेत दस मार्गों पर एटीआर- 72 हवाई जहाज उड़ना तय हुआ है। नागरिक उड्डयन विभाग ने इसकी सूची भी जारी की है। उधर, टर्बो एविएशन कंपनी प्रबंधन ने सरकार की नीति के अनुरूप एचएएल से दो 19 सीटर ‘डॉर्नियर’ विमानों की लीज डीड फाइनल कर दी है।

लखनऊ डिफेंस एक्सपो में एचएएल जीएम रॉय और टर्बो की ओर से एमडी वी उमेश ने अनुबंध किया था। अनुबंधन प्रक्रिया टर्बो कंपनी के सीईओ पीवी रविशंकर की देखरेख मेें हुई। इसके बाद कंपनी अफसरों ने कानपुर स्थित एचएएल कारखाना पहुंचकर ‘डॉर्नियर’ विमानों के निर्माण और डिलीवरी संबंधी जानकारी ली। एचएएल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि दो माह में अनुबंधन के अनुसार ‘डॉर्नियर’ विमानों की सप्लाई हो जाएगी। जरूरत होने पर एचएएल ज्यादा विमान तैयार कर देगा।
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इधर, नागरिक उड्डयन विभाग से जारी सूची में ‘डॉर्नियर’ विमानों के रूट में बरेली का नाम ही शामिल नहीं है। साफ जाहिर है कि बरेली-लखनऊ मार्ग पर ‘डॉर्नियर’ विमान नहीं उड़ेंगे। जबकि एटीआर-72 विमानों के लिए बरेली-लखनऊ, लखनऊ-मुरादाबाद, लखनऊ-प्रयागराज, लखनऊ-वनारस, लखनऊ-आगरा मार्ग निर्धारित किया गया है। इन मार्गों के साथ ही अन्य छोटे मार्गों पर हवाई सेवाएं चलाने का लाइसेंस टर्बो एविएशन को मिला है।

टर्बो एविएशन कंपनी प्रबंधन पिछले कई माह से मलेशिया से दो एटीआर-72 विमान खरीदने के लिए दौड़ लगा रहा है, लेकिन अभी तक उसे विमान नहीं मिल पाए हैं। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि एचएएल से दोनों ‘डॉर्नियर’ विमान अप्रैल तक मिल जाएंगे। मलेशिया से खरीद में आ रही विभिन्न तकनीकी बाधाएं दूर कराई जा रही हैं। मलेशिया से एटीआर-72 विमान आते ही बरेली से हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि मलेशिया से अप्रैल तक विमान मिलना मुश्किल है, इसलिए बरेली से संचालित सेवाओं में देरी संभव है।


‘बरेली-लखनऊ मार्ग पर एटीआर-72 विमान चलाया जाना प्रस्तावित है। नागरिक उड्डयन विभाग और सरकार ने भी एटीआर-72 यानी 70 सीटर विमान चलाने की अनुमति दी है। जबकि डॉर्नियर विमान छोटे मार्गों पर उड़न भरेंगे। मलेशिया से दो माह में सप्लाई मिलने की उम्मीद है।’
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- पीवी रविशंकर, सीईओ टर्बो एविएशन

इन मार्गों पर उड़ान भरेगा डॉर्नियर
लखनऊ-श्रावस्ती, श्रावस्ती-लखनऊ, लखनऊ-आगरा, अलीगढ़-लखनऊ, लखनऊ-आजमगढ़, आजमगढ़-लखनऊ, लखनऊ-झांसी, झांसी-लखनऊ, लखनऊ-सहारनपुर, सहारनपुर-लखनऊ।
लखनऊ-हिंडन, हिंडन-फैजाबाद, फैजाबाद-हिंडन, हिंडन-लखनऊ, लखनऊ-मीरपुर, मीरपुर-लखनऊ, लखनऊ-चित्रकूट, चित्रकूट-लखनऊ, लखनऊ-कसिया गया, कसिया गया-लखनऊ।

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