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घपला हुआ पर बंद नहीं होगी डोर टु डोर योजना

Thu, 18 May 2017 01:26 AM IST
बरेली
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शहर को साफ सुथरा बनाने के लिए दो साल पहले गांधी जयंती के दिन  प्रारंभ हुई डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना पांच ठेकेदारों की मनमानी का शिकार होकर रह गई है। रिक्शा खरीद, कूड़ा उठान से लेकर ठेकेदारों पर दो साल में 10 करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। फिर भी शहर के अंदर सफाई नहीं हो पा रही है। प्रत्येक जोन में निर्धारित से कम संख्या में कूड़ा उठाने पहुंच रहे हैं लेकिन सफाई इंस्पेक्टर ज्यादा रिक्शों की रिपोर्ट लगाकर नगर निगम को चूना लगाने में लगे हुए हैं। मेयर और नगर आयुक्त का कहना है कि डोर टू डोर में खामियां ठीक करेंगे। जिन वार्डों में ठेके पर सफाई नहीं हो रही है, वहां नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा उठाकर डलावघर तक पहुंचाएंगे। 
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अक्टूबर 2014 में अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद और पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार के दिशा निर्देशन में  शहर को सात जोन में बांटकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू किया गया था। डेढ़ साल पहले इलाहाबाद से आई ऑडिट टीम ने 19 सौ रुपये प्रति टन के रेट ज्यादा होने की बात का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में कर योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं होने का जिक्र किया था। बाद में ऑडिट टीम की जांच रिपोर्ट दबा दी गई।  
स्टार कांट्रेक्टर के ठेकेदार ने काम छोड़ दिया है। उसने नगर निगम का कूड़ा कलेक्शन का भुगतान और रिक्शे भी नहीं वापस किए। अब नगर निगम पूरे मामले पर लीपापोती करने में लगा है। ये ठेकेदार सपा के एक पूर्व विधायक और महानगर पदाधिकारी का रिश्तेदार बताया जाता है। डोर टू डोर के दूसरे ठेकेदार नईम शास्त्री की एसएस कांट्रेक्टर्स फर्म है जो जोन चार का कूड़ा केवल खानापूरी के तौर पर उठा रही है। यहां उनके निर्धारित संख्या से कम रिक्शे चल रहे हैं। बदायूं में सपा के पूर्व मंत्री के रिश्तेदार बताकर नईम शास्त्री ने ऐनी जैनी नाम से  फर्म बनाकर जोन छह का काम ले लिया। आतिफ के काम छोड़ने के बाद स्टार कांट्रेक्टर फर्म का जोन छह का काम भी हथिया लिया। मतलब, नईम शास्त्री तीन जोन में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम अकेले करा रहे हैं। तीनों जोन में उनके बेहद कम कर्मचारी रिक्शा लेकर कूड़ा उठाने जाते हैं। सफाई निरीक्षक बिना मानीटरिंग किए ज्यादा रिक्शे दर्शाकर नगर निगम को हर माह लाखों का चूना लगा रहे हैं। गीता जनकल्याण समिति का काम भी संतोषजनक नहीं है। फिलहाल ठेकेदारी प्रथा से चल रही डोर टू डोर कूड़ा योजना में 10 करोड़ खर्च होने के बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चौपट है।
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कोट--
डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना बंद नहीं होगी। इसमें कुछ खामियां हैं। उनको ठीक किया जाएगा। हम दो दिन के अंदर इस पर मीटिंग करने जा रहे हैं। जिन वार्डों में टेंडर नहीं हुए हैं। वहां नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा उठाएंगे।   शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त 

कोट--
डोर टू डोर में दो ठेकेदार ठीक काम कर रहे हैं। एक ठेकेदार के गायब होने की बात सामने आई है। डोर टू डोर योजना कैसे चलेगी इस पर नगर आयुक्त और सफाई निरीक्षकों के साथ मीटिंग हो रही है। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन बंद नहीं होगा।   डा. आईएस तोमर, मेयर    
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