शहर को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए दो अक्टूबर 2015 को गांधी जयंती के दिन प्रारंभ डोर टू डोर कूड़ा योजना में ऑडिट टीम ने करोड़ों का घोटाला पकड़ा है। ऑडिट रिपोर्ट केे मुताबिक ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए कूड़ा उठाने के रेट लखनऊ नगर निगम से ज्यादा लगाकर ठेकेदारों को 4.77 करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया गया। टेंडर प्रक्रिया, कूड़ा दरें, वाहन और डीजल और मानीटरिंग खर्च पर भी सवाल उठाए गए हैं।
नियंत्रण एवं महालेखा परीक्षक की चार सदस्यीय ऑडिट टीम मुख्य ऑडिटर राकेश मिश्रा के नेतृत्व में 18 जुलाई को नगर निगम का ऑडिट करने आई थी। टीम तब से लगातार नगर निगम के राजस्व, निर्माण, विज्ञापन, कूड़ा प्रबंधन समेत विभिन्न मदों में होने वाले आय-व्यय के मदों का ऑडिट कर रही है। ऑडिट टीम ने डोर टू डोर कूड़ा योजना में भारी वित्तीय अनियमितताएं होने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक नगर निगम बरेली में पहले दिन केवल चार वार्डों में ये योजना शुरू हुई। पांच जोन में केवल एक निविदा आई जिसकी दरें 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन रखी गई। लखनऊ नगर निगम में एजेंसी 1604 रुपये प्रति मीट्रिक की दर से घर-घर से कूड़ा उठा रही है। इतना ही नहीं, लखनऊ की एजेंसी अपने डीजल खर्चे पर 30 किलोमीटर कूड़ा भिजवाती है। इसके विपरीत बरेली नगर निगम में डोर टू डोर ठेकेदार न तो अपने वाहन रखे हैं और न ही डीजल खर्चा वहन कर रहे हैं। दोनों खर्चे नगर निगम को उठाने पड़ रहे हैं।
4.77 करोड़ हो चुका भुगतान
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार वार्डों में कूड़ा न उठने के बाद भी ठेकेदारों को 4.77 करोड़ से अधिक का भुगतान कर दिया। इसमें 1.12 करोड़ ज्यादा खर्च किए गए। शहर के आधे से भी कम हिस्से में कूड़ा उठा। वर्ष 2015-16 में 1950 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से योजना की शुरूआत हुई। इसके बाद दो वार्डों में 1350 रुपये और बाकी वार्डों में 1100 और 1150 रुपये प्रति मीट्रिक टन पर कूड़ा उठवाया जा रहा है।
सात जोन के ये है ठेकेदार
1- फर्म- एएनसी कांट्रेक्टर्स (ठेकेदार-आनंद साहू) 2- गीता जनकल्याण समिति (रकम सिंह भाटी) 3- एसएस कांट्रेक्टर्स (नईम शास्त्री) 4- ऐनी जैनी कांट्रेक्टर्स (नईम शास्त्री) 5- खान कांट्रेक्टर्स (आतिफ खान) 6- स्टार कांट्रेक्टर्स (मकसूद खान) 7- रिज कंसल्टेंट (रिजवाना खान)
डोर टू डोर का बजट
वित्तीय वर्ष 2015-16 में --- 09 करोड़
वित्तीय वर्ष 2016-17 में - 06 करोड़
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ऑडिट टीम का काम है आपत्तियां लगाना। हम उसका जवाब दे देंगे। उत्तम कुमार, पर्यावरण अभियंता नगर निगम
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डोर टू डोर के ओपेन टेंडर मांगे गए थे। जिस रेट पर टेंडर आए, उसी हिसाब से भुगतान किए गए। ऑडिट टीम की जो आपत्तियां हैं, उनका निस्तारण कराया जाएगा। ईश शक्ति कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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डोर टू डोर कूड़ा से मैं खुद भी संतुष्ट नहीं हूं। ऑडिट टीम ने अगर इसमें अनियमितताएं बताई हैं तो गंभीर बात है। इस बात का जवाब नगर निगम प्रशासन देगा। हम तो किसी को भुगतान करते नहीं। ऑडिट रिपोर्ट देखने के बाद जो भी दोषी होगा, जांच कराकर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। डा. आईएस तोमर, मेयर