महिला उद्यमी, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश
बरेली। राजनीति से सरकारी नौकरी, कारोबार से निजी कंपनी हर कहीं महिलाएं कड़ी मेहनत से अपनी छाप छोड़ रही हैं। हालांकि, तादाद गिनी चुनी है। 90 फीसदी महिलाएं घर की दहलीज तक सीमित हैं। कामकाजी महिलाएं भी परिवार की जिम्मेदारी संभालकर पहचान बना सकती हैं।
शारदीय नवरात्र के मौके पर अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद के दौरान ये विचार महिला उद्यमियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट ने साझा किया। महिला उद्यमी अमिता अग्रवाल ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उन्होंने कॉलेज के आवेदन फाॅर्म पर भविष्य में खुद को कुशल गृहिणी बनने की बात लिख दी थी, लेकिन अब वे एम्यूजमेंट पार्क, वाटर पार्क, कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट समेत सामाजिक संगठन, गैर सरकारी संगठन व अन्य फर्मों की डायरेक्टर हैं। साथ ही, एक उम्मीद संस्था से कई महिलाओं, बालिकाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं। ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
ट्रेवल एजेंसी संचालक सुधा अग्रवाल ने कहा कि स्कूली शिक्षा समाप्त होने के बाद से अब तक उन्होंने कई जॉब की, लेकिन घर के कामकाज खुद करती हैं। कहा कि मायका-ससुराल पक्ष का उन्हें सहयोग मिला। कई दिक्कतें आईं, बातें भी सुनी पर उससे बेपरवाह होकर वे आगे बढ़ती रहीं।
संगठन बनाकर महिलाओं को दिया मंच, संवर रहा हुनर
कारोबारी शान्या भाटिया ने कहा कि बरेली की महिलाओं में हुनर है, लेकिन उचित मंच न मिलने से वे आगे नहीं आ रहीं। लिहाजा, ग्रुप बनाकर विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार कर रहीं 80 महिलाओं को जोड़ चुकी हैं। बताया कि वे घर खुद संभालती हैं। बच्चे को पढ़ाती हैं। लेडीज फुटवियर और हैंडबैग डिजाइनर तमालिका शर्मा ने फैक्टरी लगाने से लेकर कारोबार की अड़चन और सफलता को साझा किया।
परिवार का मिल रहा सहयोग, आत्मविश्वास जरूरी
नेल पेंट आर्टिस्ट नाशी बांगा ने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है लेकिन वे अपना कारोबार करना चाहती थीं। जिसमें सुसराल पक्ष का सहयोग मिला। कहा कि समानता का अधिकार सिर्फ हक जताने में नहीं पारिवारिक खर्च उठाने में होना चाहिए। प्रियंका गांधी चांदना ने कहा कि अब सोच बदल रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सभी सहयोग कर रहे हैं। बशर्ते गरिमा और मर्यादा बनी रहे।
बचत काफी नहीं, पुरुषों का सहारा भी बने महिलाएं
चार्टर्ड अकाउंटेंट कविता अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं छिटपुट बचत पर भरोसा करती हैं। इसे म्युचुअल फंड, इक्विटी, एसआईपी, बॉन्डस आदि में निवेश करें तो आर्थिक मजबूती आएगी। गैर जरूरी चीजों की खरीदारी के बजाय बढ़ती महंगाई में भविष्य सुरक्षित करने के लिए सोने-चांदी में निवेश कर सकती हैं। बताया कि सीए पेशा पुरुषों से जुड़ा है, लेकिन महिला होकर अथक परिश्रम से उन्होंने पहचान बनाई। ब्यूरो