बिना किसी को बताए मदद करना कितना सुकून देता है, इस बात का एहसास तभी होगा जब रक्तदान करेंगे। इसके लिए मौका भी अच्छा है, नवरात्रि का। पितृ विसर्जन के बाद शुभ कार्यों की शुरुआत नवरात्र से हो रही है। आप भी शुभ कार्य शुरू कर सकते हैं और रक्तदान करके किसी को जीवन दे सकते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन और जिला अस्पताल के सहयोग से शाहजहांपुर रोड स्थित अमर उजाला परिसर में एक अक्तूबर को स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर शिविर लगेगा। तमाम संगठनों और महादानियों ने इसमें शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। मदद करने वाले इसमें शामिल हो सकते हैं। सुबह 10 बजे से शाम को 4 बजे तक आईएमए की टीम मौजूद रहेगी।
रक्तदान में ख्याल रखें
खाली पेट रक्तदान न करें
ज्यादा खाकर भी न करें
रक्तदान के 24 घंटे में कुछ हल्का खा लें
जिस हाथ में सिरिंज हो उससे कुछ न उठाएं
एक साल में केवल तीन बार रक्तदान करें
ये नहीं कर सकते रक्तदान
पीलिया के मरीज
गर्भवती महिला
स्तनपान कराने वाली महिला
आपरेशन करा चुके लोग
टैटू गुदवाने के छह माह तक नहीं
टाइफाइड के मरीज
एक यूनिट रक्त के चार फायदे
एक यूनिट रक्त आम तौर पर सिर्फ एक व्यक्ति के लिए होता है लेकिन यह चार जिंदगी बचाता है। दरअसल रक्त में पाए जाने वाले अलग-अलग तत्व होते हैं जो जान बचाते हैं। पैथालॉजिस्ट डॉ. यूवी सिंह बताते हैं कि रक्त लेने के बाद उसमें से आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायो प्रेसीपिटेट को अलग किया जाता है। फिर जिन्हें प्लेट्लेट्स की जरूरत होती है उसे प्लेटलेट्स और जिसे प्लाज्मा की उसे प्लाज्मा चढ़ाया जाता है। डॉ. सेठी बताते हैं कि रक्तदान करें या न करें लेकिन एक समय के बाद शरीर से पुराना रक्त नष्ट होता है। इसलिए अच्छा है कि हर तीन माह में रक्तदान किया जाए।