Doli earth, went out nervousness
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
घर पर बैठे टीवी देख रहे थे कि अचानक पंखा हिलने लगा। लोगाें को लगा कि हवा चलने से ऐसा हुआ है, लेकिन जब रिमोट से समाचार का चैनल लगाया तो पता चला कि भूकंप आया था। फिर क्या, लोग दौड़ते हुए घर से बाहर निकल आए और एक दूसरे को फोन कर हाल बताने लगे। रामपुर बाग में संदीप मेहरा के घर में लगा शीशा कटर- कटर की आवाज करने लगा। उनको लगा कि ऐसे ही हो रहा है, लेकिन जब दिल्ली से बेटी का फोन आया तब समझ में आया कि भूकंप था। सोमवार को रात 10 बजकर 37 मिनट पर मात्र 10 से 20 सेकेंड के आए भूकंप के झटके ने सबको सन्नाटे में ला दिया। लोगाें के फोन घनघनाने लगे।
संदीप मेहरा ने बताया कि रात साढ़े 10 बजे अचानक से कुत्ते काफी भौंक रहे थे लेकिन पौने 11 बजे सब शांत हो गए। शायद उन्हें आभास हो गया था। बरेली में इससे पहले 2015 में भी भूकंप के काफी झटके लगे थे। उस दौरान तो बड़ी- बड़ी बिल्डिंग में लोगों को काफी तेज आभास हुआ था। दरअसल, बरेली भूकंप जोन 4 में आता है। जो कि भूकंप की दृष्टि से खतरनाक प्वाइंट पर है। इस बार जो भूकंप आया है वह उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग में केंद्र बताया जा रहा है, जिसकी दूरी बरेली से बहुत ज्यादा नहीं है। इस भूकंप का रिक्टर भी 6 आंका गया है। किला जकाती से तारिक शम्सी ने फोन कर बताया कि उनको भी झटके लगे हैं, उनके घर पर रखा गिलास हिलने लगा। मलूकपुर के जुनैद और पम्मी वारसी ने भी बताया कि उनके घर का पंखा हिल रहा था। प्रेमनगर से आशीष अग्रवाल ने फोन पर बताया कि उनके इलाके में भी लोग बाहर आ गए हैं। सिंधु नगर में लोग घरों से निकलकर पार्क में इकट्ठा हो गए।