Doing today to raise awareness of Lord Chandraghanta
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
बुधवार को कलश स्थापना करके अपने व्रत की शुरूआत करने वाले श्रद्धालुआें ने मां शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी की आराधना की। कुछ लोगाें का व्रत का दूसरा दिन रहा। गुरुवार को तीसरा दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाएगी। ज्ञान बढ़ाने और प्राकृतिक आपदा से परेशान लोगों को मां चंद्रघंटा की पूजा करने से लाभ होगा।
मां चंद्रघंटा को अनार, बेलपत्र, कमल का पुष्प बेहद प्रिय है। आचार्य मुकेश मिश्रा ने बताया कि इनकी पूजा करने के लिए पहले ऊन या फिर कुश का आसन बिछा लें। तब पूजा करें। चंद्रघंटा की पूजा करने से नकारात्मकता का नाश होता है। यश, वैभव, व्यापार, धन में उन्नति होती है। बुधवार को कालीबाड़ी, नौ दुर्गा मंदिर साहूकारा, चौरासी घंटा मंदिर में भक्ताें की भीड़ दिन भर जुटती रही। यहां विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। रोहिली टोला में सबसे प्राचीन माहौर वैश्य सभा का नवदुर्गा मंदिर में श्रद्धालु जुटे। मंदिर में दिन भर पूजा पाठ हुआ और शाम को भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। इसमें रामेंद्र प्रसाद गुप्ता, संजय गुप्ता, रानू गुप्ता, राजेश गुप्ता, विजय गुप्ता, संजीव गुप्ता, प्रदीप गुप्ता का सहयोग रहा।
हरे राम नवदुर्गा मंदिर में पूजन और छंद
सुभाष नगर की अवध कॉलोनी में स्थित श्री हरे राम नवदुर्गा मंदिर में दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। अपरान्ह दो बजे मंदिर प्रांगण में महिला प्रकोष्ठ की सदस्याओं ने देवी छंद प्रस्तुत किए। शाम को श्री हरे राम ग्वाल बाल भगवती सेवा समिति के ग्वाल वालों ने संगीतमयी श्रीमद्रामचरित मानस का नवान्ह पाठ किया। इसके अलावा श्री शिरडी साईं कृपा धाम मदारी दरवाजा नाथ नगरी में श्री राधा कृष्ण सेवा ट्रस्ट की ओर से गणेश वंदना ज्योति पूजन के साथ नवरात्रोत्सव शुरू हुआ। मां के कीर्तन भजन, छंद के बाद आरती और प्रसाद बांटा गया।