बरेली। कुत्ते, बंदरों के साथ बिल्लियां भी हमलावर हो रहीं हैं। बंदरों के आतंक से लोग छतों पर जाने से डरते हैं। घर के बाहर और बाजार में भी बच्चों, बड़ों सभी को कुत्ते निशाना बना रहे हैं। साल भर के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2023 में 1,24,648 लोगों को जानवरों ने काटा।
ये आंकड़े तीन सौ बेड अस्पताल में संचालित एआरवी क्लीनिक के हैं। तमाम लोग ऐसे भी हैं, जो निजी अस्पताल, क्लीनिक पर पहुंचे या फिर वैक्सीन ही नहीं लगवाई। दूसरी ओर, बढ़ते हमलों पर अंकुश लगाने के लिए अब तक जिम्मेदारों की वजह से कोई खास प्रयास नहीं हुए। बीते दो वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2022 में अप्रैल से दिसंबर तक करीब 42 हजार लोगों को एआरवी लगी थी जबकि वर्ष 2023 में मरीजों की संख्या करीब 53 हजार रही। वर्ष 2022, 2023 में 11 लोगों की मौत रैबीज से हुई।
आईडीएसपी इंचार्ज डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक जानवरों के काटने पर अगर जख्म गहरा है तो जिला अस्पताल में एंटी रैबीज सीरम लगाई जाती है। सीएचसी-पीएचसी और यूपीएचसी के चिकित्सकों को भी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है।
किस जानवर ने कितने लोगों को काटा
जानवर संख्या
कुत्ता 89,074
बंदर 27,281
बिल्ली 8,293
नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त।
अमर उजाला ब्यूरो