पिंदारी अशोक गांव की रेश्मवती शाम करीब चार बजे खेत पर चारा काटने गई थी। अचानक आवारा कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने बमुश्किल उसे बचाया। नजर गंज गांव में भी हीराकली को कुत्ते ने काट दिया। वह घर के बाहर घूम रही थी। दोनों को इलाज के लिए सीएचसी लाया गया। उधर, एसडीएम रामेश्वर नाथ तिवारी ने मंगलवार को परोही, नजरगंज, बांसनडांडी और पृथ्वीपुर गांव में वन विभाग की ओर से लोगों को जागरूक करने का दावा किया है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर गोविंद राम ने स्वीकार किया कि जिन दो गांवों में महिलाओं पर हमला हुआ है वहां टीम नहीं जा पाई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि एसडीएम का फोन आया था मगर अंधेरा होने के कारण टीम नहीं गई।
एडीएम के आदेश को हवा में उड़ाया
बहेड़ी। चौथे बच्चे की मौत के बाद एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने वन विभाग को आदेश दिया था कि नगर पालिका, टाउन एरिया और जिला पंचायत की टीमों को लेकर आवारा कुत्तों को जंगल में छोड़ा जाए। अभियान सिर्फ एक हफ्ते ही चल सका।
वन विभाग की टीम ने चार गांवों का दौरा किया है। मैंने प्रभारी डीएम को भी इसकी जानकारी दी है। बुधवार को जिला पंचायत की टीम आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए आएगी।
-रामेश्वर नाथ तिवारी, एसडीएम बहेड़ी।