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डिलीट हुईं स्वास्थ्य विभाग में वसूली से जुड़ी सभी चैट

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बरेली। चैटिंग में स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों पर वसूली के आरोप लगाने वाले डॉक्टरों के मुकरने के बाद अब संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने ग्रप से वसूली संबंधी सभी मेसेज डिलीट कर दिए हैं। साथ ही डिस अपीयरिंग मेसेज इनेबिल कर दिया है। ताकि 24 घंटे बाद मेसेज खुद ही डिलीट हो सकें और किसी चैट के वायरल होने की आशंका कम रहे।
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पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों के एक ग्रुप की चैट वायरल हुई थी। इसमें अधिकारियों पर विभिन्न कार्रवाईयों के नाम पर कार्यालय में बुलाकर वसूली का आरोप था। चैट के दौरान एक डॉक्टर ने सीएचसी-पीएचसी का इंचार्ज बनने के लिए 1.5 लाख रुपये, 20 से 25 हजार रुपये ट्रांसफर रुकवाने, सौ रुपये प्रतिदिन ईएल (अर्जित अवकाश) सैंक्शन कराने के लिए वसूली होने की बात कही थी। इस पर अन्य चिकित्सकों ने भी सहमति जताई थी।
मामला सुर्खियों में आने के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश हुए तो अधिकारियों में खलबली मच गई। एक आला अधिकारी ने रविवार को गोपनीय तरीके से ग्रुप के सभी डॉक्टरों की बुलाकर जमकर फटकार लगाई। इसके बाद उनसे यह लिखवाकर ले लिया कि अधिकारी वसूली नहीं।भविष्य में ऐसी कोई चैट वायरल न हो सके, इसके लिए ग्रुप एडमिन को विशेष तौर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए। बताया जाता है कि अब स्वास्थ्य विभाग के सभी ग्रुप एडमिन ने डिस अपीयरिंग इनेबिल करने के बाद उसमें से वसूली से जुड़ी बातें या अन्य संदिग्ध मेसेज डिलीट कर दिए हैं। सीएमओ डॉ. बलवीर सिंह ने प्रकरण की जानकारी से इन्कार किया है।
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