डॉ. अविनाश राठी।
फतेहगंज पश्चिमी। राजश्री मेडिकल कॉलेज में एमडी की पढ़ाई कर रहे 30 वर्षीय डॉ. अविनाश राठी शनिवार सुबह रहस्यमय हालात में हॉस्टल के अपने कमरे में मृत पाए गए। दरवाजा तोड़कर उनका शव कमरे से बाहर निकालने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। उनका बिसरा सुरक्षित किया गया है।
डॉ. अविनाश राठी जिला बागपत के थाना दोघट के गांव गमनौली के निवासी थे। राजश्री मेडिकल कॉलेज में वह एमडी के द्वितीय वर्ष के छात्र थे। दो महीने बाद ही उनका पाठ्यक्रम पूरा होना था। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक शुक्रवार रात वह हॉस्टल के अपने कमरे में सोए थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे उनकी पत्नी ने उन्हें कई बार फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर उन्होंने उनके एक दोस्त को फोन किया जो डॉ. अविनाश को देखने पहुंचे तो उनके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया।
काफी खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को बुलाकर उसे तोड़ दिया गया। अंदर डॉ. अविनाश का आधा शरीर बेड और आधा जमीन पर पड़ा था। स्टाफ फौरन उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। दोपहर में डॉ. अविनाश के भाई प्रवीन राठी समेत परिवार के अन्य लोग भी यहां पहुंच गए।
प्रवीन राठी ने बताया कि दो महीने पहले ही डॉ. अविनाश की उड़ीसा से शादी हुई थी। उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं। वे लोग पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करने के संबंध में निर्णय लेंगे। मेडिकल कॉलेज के डीन दिनेश सक्सेना ने बताया कि इस घटना के संबंध में उन्होंने कई डॉक्टरों से विचार-विमर्श किया है। आशंका है कि ठंड के कारण डॉ. अविनाश को हार्ट अटैक हुआ होगा। हालांकि पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक की पुष्टि नहीं हुई, न ही मौत का कोई अन्य कारण पता चला। पोस्टमार्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर बागपत रवाना हो गए।