सड़क पर नमाज अदा न करें- मौलाना
मौलाना ने सड़क पर नमाज न पढ़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईद के दिन बुजुर्ग, बच्चे और जवान हर व्यक्ति नमाज पढ़ने का एहतमाम करता है। जिसकी वजह से नमाजियों की तादाद बढ़ जाती है। ईदगाहों में काफी बड़ी जगह होती है, वहां एक बार में ही नमाज हो जाती है। मगर शहरों के मोहल्लो में मस्जिदें छोटी छोटी हैं, जिसकी वजह से नमाजियों की तादाद बहुत ज्यादा होती है वो एक बार में मस्जिद मे नहीं आ सकते, जिसकी वजह से मजबूरन सड़क और गलियों पर नमाज पढ़ना पड़ती है।
ऐसी स्थिति में शरीयत ने व्यवस्था बनाई है कि इमाम को बदल-बदल कर एक से ज्यादा दो, तीन, चार बार भी जमात की जा सकती है। अगर कहीं इस तरह की स्थिति पैदा हो जाए कि नमाजियों की भीड़ ज्यादा है, एक बार में मस्जिद में नहीं आ सकते तो मस्जिद के इमामों को चाहिए कि इमाम बदलकर दूसरी जमात का ऐलान करे ताकि आसानी के साथ सभी लोगों की नमाज हो सकें। मौलाना रजवी ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि नमाज का अच्छे से एहतमाम करें। सरकार ओर से जारी की गई गाइडलाइन का पालन करें।