दिन-रात जिंदगी और मौत का संघर्ष देखने वाले डॉक्टर भी दहले, सोशल मीडिया पर साझा कीं चिंताए
बरेली। यह मौत काफी भयानक है। कब किधर से आएगी और कौन दे जाएगा, कोई अंदाजा नहीं लगा सकता। इतनी बड़ी दुनिया में कोई इससे बचाने की गारंटी भी नहीं दे सकता। गाहे-बगाहे आधुनिक मेडिकल साइंस की तुलना भगवान से करने वाले लोगों की बोलती बंद हो चुकी है। दिन-रात जिंदगी और मौत का संघर्ष देखने वाले डॉक्टर भी कोरोना की भयावहता से पैदा होने वाले हालात के बारे में सोचकर ही दहल रहे हैं। शहर के तमाम डॉक्टरों ने अपनी चिंताएं सोशल मीडिया पर लोगों से साझा की हैं। अपील भी की है कि आपस में दूर रहना ही कोरोना से बचाव की गारंटी है। इसके अलावा राम भी किसी को नहीं बचा पाएंगे।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. राजेश अग्रवाल सोशल मीडिया पर लोगों को जागरूक करने के साथ घर से बाहर निकलने वालों पर हल्के-फुल्के तंज भी कस रहे हैं। व्हाट्सप पर उन्होंने कई छोटी-छोटी ऑडियो क्लिप भी शेयर की हैं जिनमें लोगों को खतरे से आगाह किया गया है। जनरल फिजीशियन डॉ. बृजेश यादव फेसबुक पर लाइव होकर लोगों से जुड़ रहे हैं और कोरोना से बचाव के साथ लॉक डाउन की जरूरत के बारे में लगातार लोगों को बता रहे हैं। लाइव रहने के दौरान लोगों के सवालों का जवाब भी दे रहे हैं। डॉ. यादव का संदेश है कि बस घर से मत निकलिए.. बहुत जल्द सब बेहतर हो जाएगा।
जरा सी आहट होती है तो दिल सोचता है.. कहीं ये वो तो नहीं
जरा सी आहट होती है तो दिल सोचता है कहीं ये वो तो नहीं.. । लक्ष्मण रेखा बना लीजिए घर के बाहर और मत लांघिए इसे.. चाहे कितने भी प्रलोभन पुकारें मत जाइए बाहर, वर्ना इस बार तो राम भी नहीं बचा पाएंगे। आज मैंने क्लीनिक बंद रखी, जिन्होंने फोन पर पूछा. उन्हें मैंने कहा अगर बेहद जरूरी हो तभी घर से निकलें। छोटी-मोटी बीमारी घर पर रहकर ठीक करने की कोशिश करें। अपने डॉक्टर से दवा फोन से पूछ लें। आने वाले 15 दिन बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने काम वालों को और अपने पहचान वालों को समझाइए कि क्यों दूरी बनाकर रखनी है। लक्ष्मण रेखा पार मत करिए, घर की दहलीज के अंदर ही रहिए.. आपकी नासमझी से इस बार लंका नहीं भारत ही जल जाएगा और राम भरोसे चलने वाले देश के लाखों लोगों को वक्त का दानव निगल जाएगा।
- डॉ. सारिका सेठ का फेसबुक अपडेट
डॉ. सरन की सलाह क्लीनिक पर न आएं
डॉ. सुदीप सरन ने बताया कि उनकी ओर से लगातार मरीजों को बताया जा रहा है यदि कोई विशेष परेशानी नहीं है तो जो दवा चल रही है, उसे अपने आसपास से ही ले लें। क्लीनिक पर न आएं। जरूरत हो तो फोन पर सलाह ले लें।
भीड़ से बचेंगे तो कोरोना से बचेंगे
डॉ. प्रमेन्द्र माहेश्वरी का कहना है कि उनके अस्पताल के सभी डॉक्टर मरीजों के साथ सोशल मीडिया पर भी कोरोना से बचाव की जानकारी लगातार साझा कर रहे हैं। सबको बताया जा रहा है कि वे डरें नहीं, सतर्क रहें। उन्हें सावधानियां बताई जा रही हैं। खासतौर पर भीड़ से बचने की सलाह दी जा रही है।