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बरेली में खरीददारी की मारामारी में एक-दूसरे पर चढ़ बैठे तो काहे का लॉक डाउन

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बरेली की सब्जी मंडी में खरीदारी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। मंगलवार रात लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से ही नगर निगम सब्जी मंडी के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठी होनी शुरू हो गई। ठेकेदार ने गेट नहीं खुलने दिया तो सात बजे के बाद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस फोर्स की ओर से कोई हस्तक्षेप नहीं किया तो मजबूर होकर पौने आठ बजे ठेकेदार को गेट खुलवाना पड़ा। गेट खुलते ही हजारों की भीड़ का रेला अंदर उमड़ पड़ा। लोग ज्यादा से ज्यादा सब्जी खरीदने के लिए उतावले दिखे। किसी ने चार दिन तो किसी ने सप्ताह भर की सब्जी खरीदी। आलू प्याज की मांग सबसे ज्यादा रही लिहाजा पुराना आलू भी 25 रुपये किलो के भाव बिक गया।
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सुबह करीब नौ बजे ऐसे लोगों को मंडी घुसने से रोका जाने लगा जो मास्क पहने बगैर आए थे। जिन लोगों ने मास्क न होने की बात कही, मंडी कारोबारी शहीम खान राजू की ओर से उन्हें मास्क भी दिए गए। मंडी के बाहर भी इस कदर भीड़ थी कि पुलिस की मौजूदगी के बाद भी जाम जैसे हालात बने रहे। तमाम लोगों ने सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी कर दी थीं। काफी संख्या में फल और सब्जियों के ठेले भी सड़क पर खड़े हुए थे।
श्यामगंज में आटे की दुकान के आगे लगी लाइन
आटा और राशन खरीदने वाले लोगों की भीड़ श्यामगंज में इकट्ठी थी। एक प्रमुख आटे की दुकान पर एक साथ इतने लोग पहुंचे थे कि लंबी लाइन लग गई थी। इस लाइन में लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े रहे। कई बार धक्कामुक्की भी हुई लेकिन रोकने-टोकने के लिए कोई मौजूद नहीं था।

घी मंडी रोड पर भीड़ से लगा जाम दुकानें बंद करके चले दुकानदार

हजारों की भीड़ घी मंडी में भी इकट्ठी हुई। खरीददारी करने के लिए लोगों में इतना उतावलापन था कि सुबह आठ बजे पूरी घी मंडी रोड भीड़ से अट गई और यहां जाम लग गया। भीड़ देखकर झुंझलाए दुकानदार काफी देर तक लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन लोग फिर भी नहीं माने तो दुकानें बंद करके चले गए।

प्रशासन मोहल्लों में सब्जी भिजवाए तो हम मंडी क्यों आएं

आम दिनों में हमें मंडी आकर सब्जी खरीदने में बमुश्किल 10-15 मिनट लगते थे लेकिन अब एक घंटे तक मशक्कत करनी पड़ रही है। भीड़ इतनी है कि मंडी में घुसना तक मुश्किल है। - पवन देवल, बिहारीपुर
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सब्जी मंडी तक आना खतरे से खाली नहीं है। दस जगह पुलिस टोकती है। यहां भीड़भाड़ में संक्रमण फैल सकता है। प्रशासन को घर तक सस्ती सब्जी पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए। - पंकज, कुतुबखाना
सब्जी महंगी हो गई हैं। अब 21 दिन बंदी की बात की जा रही है। यह भी नहीं पता कि सब्जी आगे मिल पाएगी या नहीं, प्रशासन को नीति स्पष्ट करने के साथ लोगों की मदद करनी चाहिए।- गुड़िया, मीरा की पैठ
लॉक डाउन का मकसद भीड़ इकट्ठी न होने देना है लेकिन यहां तो मंडी में ही भीड़ से बुरा हाल है। जब तक घरों तक राशन और सब्जी की सप्लाई नहीं होगी, लोगों को सड़कों पर निकलना ही पड़ेगा। - मंजर, शाहबाद

डेलापीर मंडी में अफसरों ने दिखाई सख्ती, 40 फीसदी कम पहुंचे खरीदार

डेलापीर सब्जी मंडी में मंगलवार को भारी भीड़ इकट्ठी होने से सबक लेते हुए एसीएम रोहित यादव समेत कई अधिकारी बुधवार को मंडी खुलने से पहले ही पहुंच गए। मंडी में उन्हीं आढ़तियों और फेरी वालों को आने दिया गया जो मास्क लगाकर आए थे। बगैर मास्क पहने आए लोगों को गेट से ही लौटा दिया गया। इस सख्ती से कुछ आढ़ती भी उखड़ गए। उन्होंने आईडी कार्ड बनवाने की मांग की तो अफसरों ने उनसे पास बनवाने के लिए मंडी सचिव से संपर्क करने को कहा। बड़े वाहनों को मंडी गेट से करीब सौ मीटर पहले ही खड़ा कराया जा रहा था।

राजेंद्रनगर और डीडीपुरम् में पसरा सन्नाटा

सुबह करीब आठ बजे तक राजेंद्रनगर और डीडीपुरम् में एक भी दुकान नहीं खुली थी। शहीद चौक, शील चौराहे पर भी सन्नाटा था। मंडी से सामान भरकर लौटे फेरी वाले अपना ठेला सजाने में जुटे थे। यहां फल खरीदने आए नवीन अग्रवाल ने बताया कि चार दिन पहले जो अंगूर उन्होंने 40 रुपये में खरीदे थे वह 70-80 रुपये में बिक रहे हैं। रिंकी अरोरा ने सब्जियों के दामों में पांच रुपये तक की बढ़त और फलों के दाम डेढ़ से दोगुने तक होने की बात कही।
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