नवागत जिलाधिकारी के निशाने पर बीडीए, नगरनिगम, जेल, बेसिक शिक्षा, रायफल क्लब सहित दर्जन भर विभाग रहे। डीएम ने साफ साफ कहा कि मौजूदा संसाधनों में ही बेहतर जनसमस्याएं प्राथमिकता से निस्तारित कराएं, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। वहीं, शिष्टाचार भेंट करने आए नागरिकों ने शहर की कुछ खास जानकारियां दीं तो उन्हीं पर कई अफसरों फोन पर सुधार के निर्देश दिए तो कई को शाम चार बजे कैेंप कार्यालय में तलब कर लिया। डीएम ने मिलने पहुंचे लोगों से कुछ अन्य बिंदुओं पर बात कर जानकारी जुटाई और शहर की नब्ज टटोलने को कोशिश की।
डीएम बुधवार को निर्धारित समय से 10 मिनट पहले अपने कार्यालय पहुंच गए और तीन बजे तक जनता से रूबरू होते रहे। इस दौैरान कुछ फरियादियों ने कांशीराम आवास दिलाने का अनुरोध किया तो वह चौंक गए। बोले, अब आवास कहां से आए लेकिन स्टाफ ने बताया कि 580 आवास अवैध कब्जे से मुक्त कराए गए हैं। जिनको आवंटित किया जाना है। उसी समय डीएम पंकज यादव ने सवाल किया कि ये आवास किसके कब्जे में हैं। अफसरों ने बताया कि अवैध कब्जेदार इन आवासों में घुसे हुए हैं। इस सवाल पर डीएम ने कहा कि आपके पास कब्जा नहीं है तो 10 हजार आवेदन कैसे ले लिए। उसी समय बीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह पुलिस प्रशासन के साथ अवैध कब्जेदारों से मकान खाली कराए। उसी के बाद आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाए।
शिष्टाचार मुलाकात को पहुंचे जेल अधीक्षक ददीह मौर्य ने नई जेल में कैदियों की शिफ्टिंग के लिए स्टाफ की कमी का रोना रोया। डीएम ने मेरठ और बागपत जेल का उदाहरण देते हुए उनके तर्क को खारिज करते हुए कहा कि आपके पास स्टाफ पर्याप्त है। इसी स्टाफ से काम चलना होगा। उसी समय नई जेल की अधिसूचना जारी कराने और फायर की एनओसी के लिए लखनऊ में बैठे अधिकारियों से अनुरोध किया। रायफल क्लब सचिव से कहा कि शूटिंग मैदान की सारी अव्यवस्थाएं दूर कराई जाएं। अल्पसंख्यक कल्याण और बेसिक शिक्षा की शिकायतें मिलने पर दोनों विभाग के अधिकारियों को तलब कर लिया। कस्तूरबा स्कूल की पत्रावलियों में खामियां पाए जाने पर बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी यादव को बुलाया और शासनादेश पढ़वाकर फाइल की टिप्पणी में अपने सामने ही संशोधन कराया। बाद में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से बोले, आपसे तो बाद में बात होगी।
सिविल इंक्लेव को पहल,एक सप्ताह में कब्जा लेगी एएआई
बरेली। सिविल इंक्लेव का निर्माण कराने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया (एएआई)की टीम इसी सप्ताह बरेली आकर जमीन का कब्जा ले लेगी। इस बारे में डीएम की आई एएआई के दिल्ली में तैनात अधिकारियों से फोेन पर वार्ता हुई। डीएम ने अथारिटी के अधिकारियों को बताया कि 13 हेक्टेयर जमीन तैयार है, जिसका वह किसी भी समय कब्जा ले सकते हैं। फोन पर वार्ता के दौरान तय हुआ कि अथारिटी की टीम इसी सप्ताह दिल्ली से बरेली आएगी और कब्जे लेकर निर्माण शुरू करा देगी।