पति से मतभेद उभरे तो पत्नी ने तलाक की मांग शुरू कर दी, लेकिन पति तलाक देने से इंकार करता रहा। मामला उछला तो कुछ लोगों ने बैठ कर दोनों की बात कराई तो मामला सुलझ गया। पति-पत्नी अब साथ-साथ रहने के लिए तैयार हैं।
मामला गाजियाबाद की रहने वाली रिजवाना की बेटी अर्शी का है। अर्शी का निकाह बरेली निवासी डॉ. आफाक के बेटे नवेद से तीन साल पहले हुआ था। नवेद नेवी में हैं और मुंबई में उनकी पोस्टिंग है। किसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद अर्शी लगातार दो महीने से नवेद से तलाक मांग रही थी, लेकिन नवेद हमेशा मना करते रहे। मामला थाने तक पहुंच तो समाज सेवा मंच ने दोनों के बीच समझौते के प्रयास शुरू किए। दोनों पक्षों से बात कर उलमा की भी सलाह ली। इस सिलसिले में मंच के अध्यक्ष नदीम शमसी, मिलन शर्मा और मुनीर बारी के साथ अर्शी के गाजियाबाद स्थित निवास पर भी गए। काफी प्रयास के बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों को बुलाकर एक साथ बैठाया। साथ में उलमा इकराम को भी लिया। आमने-सामने की बातचीत और मौलाना सगीर अख्तर एवं मंच के पदाधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद बात बन गई। अर्शी को बाद में अपनी गलती का एहसास भी हुआ और फिर वह नवेद साथ रहने को तैयार हो गई।