नक्शे के विपरीत काम करने और पुराने मैनहोल से कनेक्शन जोड़ने को लेकर आक्रोश
बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत फेज-01 का काम धीमा होने के साथ ही अन्य कई खामियां भी हैं। आरोप है कि मानक को दरकिनार करके एस बैंड की तरह सीवर लाइन बिछाई जा रही है।
यही नहीं जहां सीएम ग्रिड योजना लागू नहीं होती है, वहां के मैनहोल से सीवर लाइन को जोड़ दिया गया है। कई ऐसे गेट व मकान भी हैं जिन्हें तोड़ा जाना था। यहां निशान लगाने के बाद भी इन्हें तोड़ा नहीं गया है। सड़क के बीचो-बीच खोदाई की जा रही है।
काम की शुरूआत मॉडल टाउन से कुष्ठ आश्रम रोड पर ही हुई थी। नक्शे के मुताबिक कई मकानों की दीवारों और गेट को हटाना था, इन्हें अब तक हटाया नहीं गया है। सीधी लाइनों को इधर-उधर जोड़ा जा रहा है।
मॉडल टाउन गेट के पीछे पुलिया के नीचे से पाइप को निकालकर पुराने मैनहोल में कनेक्शन दे दिया है। इसी तरह कुष्ठ आश्रम रोड पर जगह कम होने के चलते सीवर लाइन को बीच सड़क से ही घुमा दिया जा रहा है।
अभी पाइप लाइन डालने का काम डीडीपुरम चौराहे से कुष्ठ आश्रम की ओर किया जा रहा है। यहां पूर्व में डाली गई डक्ट की लाइन सीधी नहीं जा रही है, सड़क को बीच से खोदकर क्रॉस में लाइनें डालने का काम किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक इसको लेकर कई बार बात की तो काम करने वाले कहते हैं कि जगह ही नहीं है, सीधी पाइपलाइन कहां से डालें। मॉडल टाउन गेट से डीडीपुरम तक ही तीन जगह से लाइन को सड़क से क्रॉस कर जोड़ा गया है।
अगर पुरानी लाइनाें में ही मैनहोल के कनेक्शन देने थे, तो नए काम की योजना क्यों दी गई। कनेक्शन उन इलाकों में दिए जा रहे हैं जो सीएम ग्रिड में शामिल ही नहीं है। - आरएन मेहरोत्रा
हमारा तो कारोबार चौपट हो गया है। यह विकास है या सिर्फ खानापूर्ति, काम जल्द खत्म करना चाहिए। लाइनें सीधी डाली नहीं गई हैं, कब कहां से जोड़ रहे हैं पता ही नहीं। - सीके मिश्रा
लाइनें सीधी डालनी चाहिए। काम करने वाले जगह न होने की बात कहकर बीच सड़क से ही सीवर लाइनों को घुमाकर दूसरे छोर की लाइनों में जोड़ रहे हैं।- लियाकत
जब खोदाई हुई थी तो तय हुआ था कि सड़क की दोनों ओर काम होगा। कई लोगों के मकानों की दीवारें तक ढहाई गई, लेकिन अब जगह ना होने की बात कह रहे हैं। - जमुना प्रसाद पटेल
विशेषज्ञ भी बता रहे गलत
जल संस्थान से सेवानिवृत अधिशासी अभियंता राजेंद्र आर्या ने कहा कि सीएम ग्रिड योजना जब बनाई गई थी तो इसकी फिजिबिलिटी चेक नहीं की गई। लोगों के मकान और दीवारें तोड़ी गई। इसके बाद भी ठेकेदार ने अपनी मर्जी से काम किया। एसबैंड होने पर सीवर का प्राकृतिक फ्लो प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इससे काफी परेशानी होंगी। मैनहोल सिल्ट से चोक हो जाएंगे। संवाद
सीएम ग्रिड योजना में एस बैंड करके लाइन डालने का मामला अब तक संज्ञान में नहीं था। इसे दिखवाया जाएगा। मानक के अनुरूप ही काम होगा। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता