बरेली। बहू कल्पना सागर को सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष का टिकट न मिलने पर फरीदपुर विधायक सियाराम सागर अपने मन का दर्द छुपा नहीं पाए। लखनऊ में डेरा डाले सियाराम ने कहा कि वरिष्ठता में देखा जाए तो सपा में उनके साथ के केवल मुलायम सिंह यादव हैं। बाकी सब जूनियर हैं। बड़े नताओं के आश्वासन पर ही बहू को पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया। तब सबने कहा कि तुम्हारे सिवा और है कौन। जब टिकट का नंबर आया तो छह महीने में दूसरे नेता के तौर पर संजय को पैदा कर दिया।
विधायक सियाराम सागर ने कहा कि जब मिली जुली सत्ता होती है तब बड़े नेता विधायकों की वरिष्ठता देखते हैं लेकिन बहुमत की सत्ता ये सब नहीं देखती। जिला पंचायत की सीट आरक्षित होने के बाद सपा के बड़े नेताओं के अलावा विधायकों ने भी कहा था कि अध्यक्ष पद पर अब आपके अलावा है ही कौन। यही सोचकर बेटे विशाल और बहू कल्पना को पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया था। मगर, जब बारी आई तो संजय को छह महीने में नेता बनाकर टिकट थमा दिया गया। विधायकों की राय भी नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि नेताजी (सपा मुखिया) संसद सत्र में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली गए हैं। उनसे अभी बात नहीं हो पाई है। वह दिल्ली जाकर नेताजी से मिलना चाहते थे लेकिन उनका ओएसडी वहां किसी की नेताजी से मुलाकात नहीं कराता है इसलिए लखनऊ लौटने का इंतजार कर रहे हैं। सपा मुखिया से टिकट की बात करने के बाद ही बरेली लौटेंगे। सियाराम सागर ने कहा कि सपा हाईकमान से जो टिकट घोषित किए गए हैं, उनमें से चार से छह टिकट बदलने की बात चल रही है। इनमें से एक टिकट बरेली का भी बदल सकता है।
संजय ने बुलाई दावत, सियाराम नहीं आएंगे
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा के घोषित प्रत्याशी संजय दयाल ने बृहस्पतिवार को सपा के चारों विधायक, जिला पंचायत सदस्य और समाजवादी पार्टी के बड़े पदाधिकारियों की गोल्डन फार्म में अपराह्न दो बजे से दावत बुलाई है। इसमें सपा के जिला पंचायत सदस्यों के अलावा बाहर से इंतजाम किए गए बसपा और भाजपा के बागी जिला पंचायत सदस्यों के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। संजय दावत के बहाने सदस्यों के बहुमत की ताकत साबित करने की कोशिश करेंगे। विधायक सियाराम सागर इस दावत में शामिल नहीं होंगे। विधायक ने कहा कि उनको दावत की जानकारी नहीं है, न ही शामिल होने के लिए किसी का फोन आया।