मतदाता सूची के कार्य में लापरवाही बरतने पर बीएलओ या सुपरवाइजर को अब डीएम भी निलंबित कर सकेंगे। अभी तक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। निर्वाचन आयोग के नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अगर बीएलओ आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ)/डीएम उन्हें निलंबित कर सकेंगे।
मतदाता सूची के कार्य में लापरवाही बरतना बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या सुपरवाइजर को अब भारी पड़ सकता है। इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर निर्वाचन आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने 31 जनवरी को इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि अगर बीएलओ आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ)/डीएम उन्हें निलंबित कर सकेंगे।
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बरेली में अभी पिछले महीने में निर्वाचन कार्य में लापरवाही बतरने पर सिंचाई विभाग के रुहेलखंड नहर खंड में तैनात सींच पर्यवेक्षक मनोज कुमार सिंह का मामला सामने आया था। कैंट विधान सभा क्षेत्र में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) में बीएलओ के कार्य की समीक्षा और उनकी समस्या निस्तारण के लिए तैनात सुपरवाइजर मनोज की लापरवाही सामने आई थी। जिस पर डीएम की संस्तुति पर अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिन्हा ने सींच पर्यवेक्षक को निलंबित किया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नए निर्देशों के मुताबिक, बीएलओ के निलंबन के साथ ही डीएम अनुशासनहीनता या कर्तव्य में लापरवाही के लिए विभागीय कार्रवाई करने के लिए प्राधिकारी को संस्तुति करेंगे। इसके अलावा आपराधिक एवं कदाचार के मामले में अगली कार्रवाई के लिए सीईओ की स्वीकृति से दोषी बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकेंगे।
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कार्रवाई को लेकर पहले स्पष्ट नहीं थी स्थिति
उप जिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बीएलओ/सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निर्वाचन आयोग से नियम-निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिसके क्रम में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और उनके सहायकों को जानकारी दी गई है। पहले बीएलओ/सुपरवाइजर के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर स्थिति बहुत स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब साफ हो गया है कि ऐसे कर्मियों को सीधे डीईओ निलंबित कर सकते हैं।