हर साल होता है विवाद
खजुरिया गांव में ज्यादातर हिंदू आबादी है, लेकिन दूसरे गांव से जब चादरों का जुलूस शहर की ओर जाता है तो यहां हर साल विवाद होता है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 से पहले कभी चादर का जुलूस उनके गांव से नहीं निकला था। वर्ष 2023 में कुछ बच्चों ने चादर का जुलूस निकाला तो उन लोगों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था कि आगे से जब भी जुलूस निकलेगा तो गांव की सीमा के बाहर जाकर ही चादर खोली जाएगी। इस बार दूसरे समुदाय के लोगों ने इज्जतनगर थाने में चादर जुलूस के लिए अनुमति मांगी तो पुलिस ने सहमति दे दी।
बख्शे नहीं जाएंगे माहौल बिगाड़ने वाले- एसपी सिटी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि जुलूस को लेकर दोनों पक्षों में पहले ही लिखित समझौता हो गया था। चादर खोलने के स्थान पर विवाद करने की कोशिश की गई। लोगों को समझा दिया है। मौके पर पुलिस बल तैनात है। गांव में एक ही समुदाय के प्रधान और पूर्व प्रधान हैं। दोनों के बीच चुनावी प्रतिद्वंद्विता रहती है। इसी वजह से मामले को तूल देने की कोशिश की गई। माहौल बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई लिखित शिकायत मिलेगी तो उसकी भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।