ऐसे करें बचाव
- मच्छरदानी का उपयोग करें।
- जलभराव न होने दें।
- मच्छर भगाने वाले उपकरणों का उपयोग करें।
- पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।
इसलिए मनाते हैं यह दिन
20 अगस्त 1897 को ब्रिटिश चिकित्सक सर रोनाल्ड रॉस ने दुनिया को बताया कि इन्सानों के बीच मलेरिया फैलाने के लिए मादा एनाफिलीज मच्छर जिम्मेदार है। तब से हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से निपटने के लिए जागरूक करना है।
साल 2019 में सबसे ज्यादा रहा प्रकोप
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 में जिले में मलेरिया के 46 हजार मरीज मिले थे। वर्ष 2018 में यह संख्या 37 हजार थी। वर्ष 2020 में 11,686, 2021 में 2,362, 2022 में 1,806, 2023 में 3,490 और 2024 में 2,817 मरीज मिले थे। मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है।