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Bareilly News: कागजों पर अभियान चला रहे अफसर, सेहत और नींद खराब कर रहे मच्छर, अब तक मलेरिया के 1050 मरीज

Wed, 20 Aug 2025 11:36 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली जिले में सफाई और फॉगिंग अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित है। यही वजह है कि जिले में लगातार मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इस वर्ष अब तक मलेरिया के 1050 मरीज मिल चुके हैं। 
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विश्व मच्छर दिवस - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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बरेली जिले में वर्ष 2019 में महामारी बने मलेरिया से भले ही राहत मिली हो, लेकिन मच्छरों का डंक थमा नहीं है। इस वर्ष अब तक मलेरिया के 1050 और डेंगू के चार केस मिल चुके हैं। मच्छरजनित रोगों के लिहाज से प्रदेश में बरेली संवेदनशील जिलों की सूची में दर्ज है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान के नाम पर खानापूर्ति की वजह से मच्छर लोगों की नींद और सेहत दोनों ही खराब कर रहे हैं।

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जिले के फतेहगंज पश्चिमी, मझगवां, शेरगढ़, भमोरा और मीरगंज इलाके मलेरिया के लिहाज से संवेदनशील हैं। इन ब्लॉकों के दो दर्जन से अधिक गांवों में हर साल मलेरिया के मरीज मिलते हैं। इसके बावजूद साफ-सफाई और फॉगिंग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ग्रामीणों के मुताबिक जिले के कई गांव में अब तक फॉगिंग के लिए टीम नहीं पहुंची है। गांवों में जगह-जगह गंदगी व जलभराव है।

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11 अगस्त को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह को मझगवां के इस्माइलपुर गांव में कीचड़ व गोबर के बीच से गुजरना पड़ा था। इसके बावजूद गांव के हालात में सुधार नहीं आया है। शहर में न तो नालों की ठीक से सफाई हुई। न ही फॉगिंग पर जोर दिया जा रहा है। 

ऐसे करें बचाव
  • मच्छरदानी का उपयोग करें। 
  • जलभराव न होने दें। 
  • मच्छर भगाने वाले उपकरणों का उपयोग करें। 
  • पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें।

इसलिए मनाते हैं यह दिन 
20 अगस्त 1897 को ब्रिटिश चिकित्सक सर रोनाल्ड रॉस ने दुनिया को बताया कि इन्सानों के बीच मलेरिया फैलाने के लिए मादा एनाफिलीज मच्छर जिम्मेदार है। तब से हर साल 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से निपटने के लिए जागरूक करना है। 
 
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साल 2019 में सबसे ज्यादा रहा प्रकोप 
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019 में जिले में मलेरिया के 46 हजार मरीज मिले थे। वर्ष 2018 में यह संख्या 37 हजार थी। वर्ष 2020 में 11,686, 2021 में 2,362, 2022 में 1,806, 2023 में 3,490 और 2024 में 2,817 मरीज मिले थे। मच्छरों के काटने से मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियां होने का खतरा रहता है।
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