जगदीश पाटनी चौपुला के पास रहते हैं। उन्होंने एसएसपी को बताया कि पांच-छह महीने पहले हार्टमैन कॉलेज के पास रहने वाले शिवेंद्र प्रताप सिंह ने दिल्ली निवासी दिवाकर गर्ग और जूना अखाड़ा ऋषिकेश के गुरु आचार्य जयप्रकाश से मिलवाया था। इन लोगों ने राजनीति में बड़ा पद या शासन से किसी आयोग का अध्यक्ष पद दिलवाने का झांसा दिया था। पड़ोसी होने के कारण शिवेंद्र प्रताप, जगदीश पाटनी का पुराना परिचित था, इसलिए उन्होंने उसे पांच लाख रुपये नकद दे दिए।
कुछ दिन बाद शिवेंद्र ने लखनऊ में ओएसडी बताकर हिमांशु से मुलाकात कराई। इसके बाद जगदीश ने उन्हें कई बार में ऑनलाइन 25 लाख रुपये दे दिए। रुपये देते समय तय हुआ था कि काम नहीं होने पर तीन महीने में दस प्रतिशत ब्याज के साथ रुपये लौटा दिए जाएंगे। तीनों जालसाजों ने छह महीने बाद भी रुपये नहीं लौटाए और काम भी नहीं कराया।
रैकेट बनाकर लोगों को लगाते हैं चूना
जगदीश पाटनी ने आरोप लगाया है कि शिवेंद्र और उसके साथी रैकेट बनाकर लोगों को अपने राजनीतिक रसूख का हवाला देकर उनसे ठगी करते हैं। वह लोगों को बेवकूफ बनाकर उनसे रुपये ऐंठते हैं। जब इन लोगों से रुपये वापस मांगे तो इन लोगों ने पाटनी से रंगदारी मांग ली और धमकी भी दी। पुलिस तीनों लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
सेवानिवृत्त सीओ के साथ कुछ लोगों ने ठगी कर ली है। उनकी तहरीर के मुताबिक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस विवेचना में हकीकत का पता लगाकर आरोपियों पर कार्रवाई करेगी।
- अनुराग आर्य, एसएसपी