इज्जतनगर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बरेली। साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अफसर बताकर व्हाट्सएप कॉल पर इज्जतनगर क्षेत्र निवासी व्यक्ति को धमकाया। धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। मामला रफा-दफा करने का झांसा देकर 68,450 रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने इज्जतनगर थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
महानगर निवासी शमीम नकवी ने इज्जतनगर थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह को बताया कि 18 नवंबर को उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि तुमने धोखाधड़ी की है। तुम्हारे खिलाफ केस किया गया है। केस की फाइल बंद करने के नाम पर उसने शमीम से रुपये मांगे। रुपये नहीं देने पर एक घंटे के अंदर सीबीआई टीम को उनके घर भेजने की धमकी दी।
इसके बाद ठगों ने अपने दूसरे साथी को बैंक अधिकारी बताकर शमीम से बात कराई। उसने भी शमीम को धमकाया। फिर उनसे खाते में 68,450 रुपये ट्रांसफर करा लिए। बाद में उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इज्जतनगर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। ब्यूरो
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ऑनलाइन निवेश के नाम पर दस लाख की ठगी
बरेली। फेसबुक पर दोस्ती करने वाली युवती ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर युवक से 10 लाख की ठगी कर ली। एकतानगर निवासी रजत गुप्ता ने साइबर थाना प्रभारी डीके शर्मा को बताया कि फेसबुक पर उनकी एक युवती से दोस्ती हो गई थी। उसने अपना नाम रितिका गोस्वामी बताया। कुछ दिन बाद व्हाट्सएप नंबर पर बात शुरू हो गई। बातचीत के दौरान रितिका ने ऑनलाइन व्यापार के बारे में बताया। रितिका के दबाव बनाने पर वेरी ग्रेट स्टोर डॉट काम पर निवेश कर दिया। कई बार में यूपीआई के माध्यम से 9,94,606 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। रजत गुप्ता को काफी देर बाद ठगी का अहसास हुआ। थाना प्रभारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित नंबरों और जिन बैंक खातों में रकम गई, उनको खंगाला जा रहा है। ब्यूरो
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 6.05 लाख ठगे
बरेली। काजी टोला निवासी जियाउल अंसारी ने साइबर थाना प्रभारी को बताया कि 21 अगस्त को उनके मोबाइल फोन पर एक मेसेज आया। मेसेज में शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का दावा किया गया था। जियाउल को शुरुआत में निवेश करने पर कुछ मुनाफा दिया भी गया। इसके बाद साइबर ठगों ने दूसरे प्लेटफाॅर्म पर रुपया लगवाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने जियाउल से 6.05 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जियाउल ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने रकम डूबने की बात कहकर टरका दिया। जियाउल की ओर से भी साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कराया गया है। ब्यूरो