बरेली। निर्माण कार्यों के लिए सड़कों की खोदाई के दौरान मध्यांचल विद्युत वितरण निगम और नगर निगम के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं। खोदाई के दौरान कभी भूमिगत बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है तो कभी जलापूर्ति व सीवर के लिए बिछाई गई लाइनें। बृहस्पतिवार को झूलेलाल द्वार से केके अस्पताल मार्ग पर पेयजल और सीवर दोनों लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। गुस्साए लोगों ने यहां काम बंद करा दिया।
यहां तीन दिन से बिजली लाइन बिछाने के लिए खोदाई की जा रही है। करीब 50 मीटर हिस्से में तीन से चार फुट गहरी खोदाई सड़क के किनारे की गई है। हैरत की बात है कि नगर निगम के अधिकारियों को इस बारे में पता ही नहीं है। अनुमति लिए बिना की जा रही खोदाई को रोकने के लिए भी कोई अभियंता मौके पर नहीं पहुंचा।
खोदाई के दौरान कई घरों की पेयजल और सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से मोबाइल फोन पर संपर्क करना चाहा मगर कामयाबी नहीं मिली। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों ने पार्षद शशि सक्सेना को बुधवार रात मौके पर बुला लिया। काम भी बंद करा दिया।
पार्षद ने बताया कि रात में मजदूर खोदाई कर रहे थे। जब काम रोका तो ठेकेदार की फर्म के एक अधिकारी आए, लेकिन अनुमति से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा पाए। नगर निगम की ओर से भी बगैर अनुमति खोदाई होने की जानकारी दी गई। ब्यूरो
मैंने अवर अभियंता को मौके पर भेजा। अवर अभियंता ने रिपोर्ट दी है कि बिना अनुमति खोदाई हुई है। इस मामले में जिम्मेदारी तय करके हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनीष अवस्थी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
बगैर अनुमति के कोई काम नहीं हुआ होगा। नगर निगम के अभियंता अगर कह रहे हैं कि अनुमति नहीं थी तो इस विषय में अधिक जानकारी तो वही दे सकेंगे। - सुरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम