फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: विपरीत हालात में भी नहीं मानी हार, संघर्ष कर बने सफलता की मिसाल

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सपनों को पूरा करने की राह कभी आसान नहीं होती, खासकर तब जब हालात विपरीत हों और संसाधनों की कमी हो। लेकिन सच्ची लगन और मेहनत से हर मुश्किल को मात दी जा सकती है। शहर में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कठिनाइयों के आगे हार मानने के बजाय उन्हें चुनौती के रूप में स्वीकार किया और सफलता की नई कहानी लिखी। आर्थिक तंगी से जूझने के बाद भी, खिलाड़ियों ने अपना मनोबल नहीं टूटने दिया और राष्ट्रीय स्तर पर शहर का नाम रोशन कर समाज को संदेश दिया।
विज्ञापन




फटे हुए जूतों में अभ्यास कर हासिल की शोहरत

एयरफोर्स के पास रहने वाले मोहित शर्मा के पिता मजदूरी करते हैं। उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वे एथलेटिक्स में दौड़ और बाधा दौड़ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करते हैं। इसमें अच्छे जूते और संतुलित डाइट बेहद जरूरी होती है, लेकिन मोहित के पास ये सुविधाएं नहीं थीं। उन्होंने फटे हुए जूतों से ही अभ्यास किया। उनकी मेहनत देखकर कोच अजय कश्यप ने उन्हें प्रशिक्षण देना शुरू किया। कोच के मार्गदर्शन में मोहित ने अपने खेल में सुधार किया और वर्ष 2024 में वाराणसी में हुए राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया।

कादिर ने सीमित संसाधनों में जारी रखा खेल
शहर के निकट गांव निवासी कादिर खान के पिता छोटे किसान हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। शुरू से ही खेलों में रुचि रखने वाले कादिर खेतों में पिता के साथ काम करते हुए, दौड़ का अभ्यास किया करते थे। शुरुआती दौर में, उनके पास प्रशिक्षण लेने के लिए कोई साधन नहीं था। संसाधनों की कमी के बावजूद अपनी मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर उन्होंने साल 2024 में वाराणसी में आयोजित स्टेट स्कूल गेम्स में 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया। इस वर्ष झारखंड में हुए अंडर-19 नेशनल स्कूल गेम्स में भी चौथा स्थान प्राप्त किया।
विज्ञापन


प्रतियोगिता में जीते हुए रुपयों से खरीदे जूते
भोजीपुरा निवासी आजाद के पिता मजदूरी करते हैं। आजाद का सपना शुरू से ही एथलीट बनने का था। लेकिन उनके पास प्रशिक्षक को देने के लिए फीस नहीं थीं। इस कारण उन्होंने आसपास के संसाधनों का उपयोग कर, खुद ही प्रशिक्षण लेने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में जीती हुई धनराशि के माध्यम से अच्छे जूते खरीदे और प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। कड़ी मेहनत और दिन-रात अभ्यास से उन्होंने ग्रामीण खेल लीग की लंबी कूद स्पर्धा में तृतीय स्थान हासिल किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें