12 मई को छापे में बड़े पैमाने पर मिला था बिना बिल का सामान
बरेली। कोरोना से मरते-जूझते लोगों से मुनाफाखोरी के आरोप पर मेहता सर्जिकल स्टोर की ओर से तीन दिन की तय समयसीमा खत्म होने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने उसका लाइसेंस निलंबित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
डीडीपुरम स्थित मेहता सर्जिकल स्टोर के खिलाफ कोरोना की दूसरी लहर की शुरुआत से ही बड़े स्तर पर मुनाफाखोरी की शिकायतें की जा रही थीं। आठ मई को बरेली आए मुख्यमंत्री के सामने भी जनप्रतिनिधियों ने इन शिकायतों को दोहराया तब कहीं 12 मई को एसडीएम सदर विशु राजा की अगुवाई में एफएसडीए की टीम ने इस स्टोर छापा मारा। इस कार्रवाई में स्टोर पर बड़े पैमाने पर सर्जिकल सामान और उपकरणों की कालाबाजारी करने के प्रमाण मिले। स्टोर के गोदाम में कर्मचारियों को कई उपकरणों की रीपैकिंग कर उन पर ज्यादा कीमत के प्राइस टैग लगाते हुए भी पाया गया।
स्टोर पर भारी तादाद में ऐसा सामान मिला जिसके बिल उपलब्ध नहीं थे। सर्जिकल स्टोर पर मौजूद उसका मालिक सुशांत मेहता भी अफसरों को न कोई संतोषजनक जवाब दे पाया न जरूरी कागज उपलब्ध करा पाया। फर्म को तीन दिन के अंदर सभी गड़बड़ियों पर अपना जवाब देने को कहा गया था। इसके साथ ही 13 मई की रात को औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा की ओर से थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गई थी। इस रिपोर्ट में फर्म के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक और टैक्स संबंधी गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए हैं.
औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने बताया कि स्टोर में मिले सामान की खरीददारी के फर्म के पास कोई बिल नहीं मिले। फर्म को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस दिया गया था, यह अवधि 15 मई को समाप्त हो गई है। अब औषधि अनुज्ञापन नियम के तहत फर्म के लाइसेंस निलंबन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कानूनी राय से होगा तय गुनहगार मेहता या पत्नी
बरेली। कोरोना काल में चिकित्सा उपकरणों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस सुस्त नजर आ रही है। तीन दिन बाद भी प्रेमनगर पुलिस तय नहीं कर सकी है कि मेहता सर्जिकल के मामले में आरोपी स्टोर चलाने वाले सुशांत मेहता को आरोपी बनाया जाए या फिर लाइसेंस धारक उसकी पत्नी को। हालांकि आरोपियों की तलाश में दबिशें देने का दावा किया जा रहा है। एसएसपी इस बारे में थाने की पुलिस से लगातार अपडेट भी ले रहे हैं।
सर्जिकल उत्पादों की कालाबाजारी के आरोप में औषधि निरीक्षक ने मेहता सर्जिकल के संचालक के खिलाफ थाना प्रेमनगर में बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लगातार शिकायतों के बाद उस दिन एसडीएम सदर और एफएसडीए की टीम ने डीडीपुरम में मेहता सर्जिकल के गोदाम पर छापा मारा था। इस दौरान वहां सर्जिकल उपकरण, सैनिटाइजर समेत तमाम चीजें बरामद कर सील की गई थीं। फर्म संचालक के नाम से रिपोर्ट कराई गई थी और आरोपी फरार हो गया था।
इस बीच नई बात सामने आई कि फर्म का लाइसेंस संचालक की पत्नी के नाम पर है और फर्म में परिवार के कुछ और लोग पार्टनर हैं। ऐसे में आरोपी तय करने को लेकर पंच फंस गया है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि कई लोग महिलाओं के नाम पर लाइसेेंस बनवाकर खुद कारोबार करते हैं। ऐसे में इस प्रकरण में वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी से सलाह लेकर पुलिस विवेचना को आगे बढ़ाएगी। वैसे कारोबार कर रहे मेहता का आरोपी बनना तो तय लग रहा है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश कुमार का कहना है कि मेहता ने मोबाइल बंद कर रखा है। उसकी जानकारी करके संभावित स्थानों पर दबिश दे रहे हैं। उसकी पत्नी से भी कहा गया है कि आरोपी को पकड़वाने में मदद करें। गिरफ्तारी के बाद आगे कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। अगर जरूरत हुई तो पत्नी को भी बतौर आ
रोपी विवेचना में शामिल करेंगे।