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नहीं किया भर्ती ...प्रसूता ने अस्पताल के गेट पर ही जन्मा बच्चा

Wed, 23 Sep 2020 02:14 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मामले की जानकारी देती दंपती। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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क्योलड़िया सीएचसी की स्टाफ नर्स पर भर्ती करने के लिए पांच हजार मांगने का आरोप, थाने में दी तहरीर
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पुलिस के हस्तक्षेप से भर्ती करके शुरू किया गया इलाज, पति ने वीडियो बनाकर दी जानकारी

क्योलड़िया। सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा बेहतर बनाना भले ही मुख्यमंत्री की प्राथमिकता हो, मगर अस्पताल के कर्मचारी ही इस मंशा को पूरा नहीं होने दे रहे। खासतौर से ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में। ऐसा ही वाक्या क्योलड़िया सीएचसी पर हुआ। सोमवार रात वहां पहुंची एक प्रसूता को पांच हजार सुविधा शुल्क न देने पर स्टाफ नर्स ने भर्ती नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि अस्पताल गेट पर ही उसने बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बावजूद उसे तब भर्ती किया गया, जब थाने से पुलिस वहां पहुंची। पति ने वीडियो वायरल करके पूरी कहानी बयां की है।
क्योलड़िया इलाके के जगतपुर गांव का लालाराम ने अपनी पत्नी सावित्री को प्रसव पीड़ा होने पर 108 एंबुलेंस को कॉल करके बुलवाया। एंबुलेंस तो समय से पहुंच गई और रात ढाई बजे सीएचसी क्योलड़िया ले गई। लालाराम के मुताबिक वहां उसने स्टाफ नर्स विभा सिंह से पत्नी को भर्ती करने को कहा तो उसने पांच हजार रुपये मांगे। इस पर लालाराम ने छह सौ रुपये ही होने की बात कही। इस पर स्टाफ नर्स नाराज हुई और प्रसूता को गेट पर ही छोड़कर चली गई। जबकि महिला पीड़ा से काफी तड़प रही थी।
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लालाराम चौकीदार है, इसलिए रोजाना थाने आना जाना होता है। ऐसे में उसके दिमाग में पुलिस की मदद लेना सूझा। वह थाने पहुंच गया। उसके जाने के कुछ देर बाद ही पत्नी सावित्री ने एक बच्चे को जन्म दिया। पुलिस कर्मियों के साथ जब लालाराम लौटा तो अस्पताल गेट पर ही पत्नी और नवजात शिशु देखने को मिले। साथ आए पुलिस कर्मियों ने चिकित्सा अधीक्षक से बात करके महिला और शिशु को भर्ती कराया। बाद में लालाराम ने थाने में तहरीर भी दी। हालांकि थाना प्रभारी का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है।
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अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर मूवीस ने बताया मामला जानकारी में आया है, जांच कराई जा रही है, दोषी मिलने पर स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं स्टाफ नर्स का कहना है कि सावित्री मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और झूठे आरोप लगा रही है। पहले से वह उसका इलाज करती आ रही है, रुपये मांगने का तो मतलब ही नहीं।
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