बरेली। भीषण गर्मी बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बढ़ाए गए आठ बेड भी कम पड़ गए हैं। चार दिन बाद फिर रविवार को भर्ती बच्चों की तादाद 43 पहुंच गई। कुछ बेड पर दो बच्चों को भर्ती किया गया।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप के मुताबिक पारा शरीर के तापमान से करीब चार डिग्री ज्यादा दर्ज हो रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधकता के साथ तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है। बुजुर्ग मौसम के रुख को देखते हुए खानपान, सोने जागने का समय और अन्य जरूरी एहतियात कर लेते हैं, लेकिन चार वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह मुश्किल होता है। लिहाजा, तापमान बढ़ते ही डिहाइड्रेशन के साथ डायरिया का हमला बढ़ रहा है। ज्यादातर बच्चे गंभीर हालत में ही पहुंच रहे हैं, जिन्हें इलाज मुहैया करा रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ के मुताबिक जो बच्चे इलाज को पहुंच रहे हैं, वह उल्दी, दस्त की चपेट में करीब सप्ताह भर से थे, लेकिन मेडिकल स्टोरों से दवा लेकर इलाज कराया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर अभिभावक अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेटलतीफी से स्थिति बेहद गंभीर होने की आशंका भी जताई है। बताया कि डायरिया के साथ सांस की समस्या होने पर बच्चों को रेफर भी किया जा रहा है।
रविवार को जिले के 71 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेले में 42 सौ मरीज इलाज को पहुंचे। नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही के मुताबिक ज्यादातर मरीज मेडिसिन संबंधी रहे। इसमें उल्टी, दस्त, बुखार, सर्द गर्म, चक्कर आने के केस ज्यादा थे। पेट संबंधी 321 और त्वचा के छह सौ से ज्यादा मरीजों को डॉक्टर ने दवा और परामर्श दिया। आंख संबंधी समस्याओं के भी 128 केस रहे।