बेतहाशा गर्मी में जरा सी बेपरवाही पर बच्चे डायरिया और बुखार की चपेट में आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड के 30 बेड फुल हो गए। बेड कम पड़ने पर अभिभावकों से सहमति पत्र लेकर एक बेड पर दो बच्चे भर्ती किए।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, सप्ताह भर से ओपीडी में डायरिया, निमोनिया, बुखार से तप रहे बच्चे पहुंच रहे हैं। जिनकी हालत गंभीर है, उन्हें भर्ती किया जा रहा है।
बुधवार रात तक 35 बच्चे भर्ती हुए। बृहस्पतिवार को स्वस्थ हुए आठ बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। हालांकि, दोपहर दो बजे तक तीन और बच्चे भर्ती होने से बेड फुल हो गए।
बताया कि अगर बेड कम पड़ेंगे तो चार बेड और बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। डॉ. संदीप के मुताबिक, गर्मियों में चार घंटे से ज्यादा देर से रखा चावल, पनीर नहीं खाएं। साफ पानी पीये और भोजन ताजा ही करना बेहतर होता है।
कहा कि जो बच्चे बोतल से दूध पीते हैं, उनके अभिभावकों को रात के अंधेरे में दूध पिलाने से पहले बोतल को जांच लेना चाहिए। क्योंकि इस मौसम में दूध खराब हो जाता है। बाजार के चाट या फास्ट फूड और खुले में रखे फल आदि नहीं खाने चाहिए। बच्चों को तेज धूप से भी बचाएं।