रुहेलखंड विश्वविद्यालय में 24 फरवरी को हुई भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं की शिकायत के बाद शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक इस मामले की जांच करेंगे। यह शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज की गई थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन तथ्य छिपा रहा है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान बाहरी लोगों ने दस्तावेजों की जांच की। विश्वविद्यालय द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर दिए गए जवाब पर कुलपति या कुलसचिव के हस्ताक्षर नहीं थे।
शिकायतकर्ता ने गोपनीयता भंग करने और भर्ती को खानापूर्ति बताया था। विश्वविद्यालय ने जवाब में कहा था कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं यूजीसी, एआईसीटीई के वेतनमान और राज्यपाल के आदेशों व नियमानुसार की गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन ने जांच निदेशक उच्च शिक्षा को सौंपी है। शिकायत को निस्तारित करने की अवधि छह मई निर्धारित की गई है।