उपाध्यक्ष पद पर परमेंदर सिंह ने निर्विरोध जमाया पद पर कब्जा
एकल नामांकन होने के चलते निर्विरोध हुआ पदाधिकारियों का निर्वाचन
संपूर्णानगर। बुधवार को खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन सहकारी विकास संघ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत सदस्यों का चुनाव हुआ। सभी पदों पर एकल नामांकन होने की वजह से धीरेंद्र कुमार जहां अध्यक्ष चुने गए, वहीं परमेंदर सिंह उपाध्यक्ष। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को चुनाव अधिकारी तहसीलदार पलिया ने प्रमाण पत्र प्रदान किए।
तीन बार चुनाव टलने के बाद बुधवार को चौथी बार चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई। अध्यक्ष पद पर धीरेंद्र कुमार और उपाध्यक्ष पद पर परमेंदर सिंह ने नामांकन कराया। इस बार किसी प्रकार का न तो कोई विवाद हुआ न ही आपत्ति ही आई। इस बार सदस्यों के बीच आपसी समझौते के चलते चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
हालांकि चुनाव को लेकर पूर्व में हुए विवाद के मद्देनजर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष धीरेंद्र व उपाध्यक्ष परमेंदर सिंह को समर्थकों ने फूल मालाओं से लाद दिया। इसके बाद सभी पैदल दुर्गा मंदिर पहुंचे और मत्था टेका। इस दौरान शशि शंकर शुक्ला, सांसद प्रतिनिधि दीपक तलवार, मनीष साहनी, हरजीओ सिंह आदि भाजपा पदाधिकारी व ग्रामीण मौजूद रहे।
यह चुने गए प्रतिनिधि
अध्यक्ष- धीरेंद्र कुमार
उपाध्यक्ष- परमेंदर सिंह
डीसीबी बैंक प्रतिनिधि- वीरेंद्र शुक्ला, सुखविंदर सिंह, संतोष कुमार, परमेंदर सिंह।
पैमन फेड प्रतिनिधि- प्रमोद मिश्रा
चीनी मिल संपूर्णानगर प्रतिनिधि- रामाशीष
इफको प्रतिनिधि- धीरेंद्र कुमार
पीसीएफ प्रतिनिधि- सुखविंदर सिंह
बाहरी बनाम स्थानीय मुद्दे पर ब्लॉक प्रमुख की दिखी ताकत
संपूर्णानगर। खीरी-पीलीभीत उपनिवेशन संघ के अध्यक्ष पद पर मार्च 2021 में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के रिश्तेदार व ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला के भतीजे धीरेंद्र कुमार ने नामांकन के लिए पर्चा लिया था, जबकि उपाध्यक्ष पद पर परमेंदर संह पप्पू ने नामांकन कराया था। अध्यक्ष पद पर भाजपा के ही उमाशंकर मिश्र ने स्वयं दावेदारी करनी चाही। यहां हाथापाई के बाद गोली चल गई और चुनाव स्थगित हो गया था। उसके बाद दो बार चुनाव तिथि घोषित होने के बाद भी चुनाव नहीं हो सके। टेनी के रिश्तेदार और ब्लॉक प्रमुख वीरेंद्र शुक्ला कई बार संघ के अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में उन्होंने अपना वर्चस्व दिखाया। आखिरकार बुधवार को हुए चुनाव में उन्होंने अपने भतीजे धीरेंद्र को अध्यक्ष पद की कुर्सी दिलाई। इसको लेकर उन्होंने काफी ताकत झोंकी, जिसका परिणाम बुधवार को भी दिखा। जीतने के बाद परसपुर गांव सहित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण और भाजपा के पदाधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।
पूर्व में गोली कांड से पुलिस का रहा कड़ा पहरा
चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिये पुलिस बल मुस्तैदी से तैनात रहा। थाना प्रभारी हनुमंत लाल तिवारी ने कार्यालय के अंदर व बाहर भारी पुलिस बल लगाया था। वही पेट्रोल पंप पर भी पुलिस मौजूद रही। जब तक चुनाव प्रक्त्रिस्या चलती रही, पुलिस ने पेट्रोल पंप और मतदेय स्थल से ग्रामीणों को बैठने तक नहीं दिया।