हजरत शेख अब्दुल कादिर बगदादी (हुजूर गौसे पाक) की याद में शहर भर में जश्न-ओ-जलसे का माहौल रहा। पुराना शहर में जुलूस-ए-गौसिया निकाला गया। इसका जगह-जगह हिंदू मुस्लिम सभी ने शानदार तरीके से स्वागत किया।
अंजुमन गौसो रजा (टीटीएस) की ओर से जुलूस-ए-गौसिया सैलानी स्थित रजा चौक से निकाला गया। दरगाह आला हजरत के पूर्व सज्जादा मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती और सज्जादानशीन मौलाना अहसन रजा खां कादरी (अहसन मियां) की कयादत में निकाले गए इस जुलूस में 72 अंजुमनों की शिरकत रही। पूर्व में अहसन मियां के पहुंचने पर कमेटी के अध्यक्ष हाजी शारिक नूरी ने दस्तारबंदी कर स्वागत किया। इसके बाद अहसन मियां ने सय्यद हुमायूं अली को परचम सौंप कर जुलूस रवाना किया।
जुलूस रजा चौक से चल अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ शाहदाना वली की दरगाह पहुंचा। यहां हाजिरी के बाद वापस रजा चौक पहुंच कर रात में संपन्न हुआ। यहां पर जुलूस में शामिल अंजुमनों को इनाम बांटे गए। इस मौके पर अध्यक्ष सचिव सहित नवाब अय्यूब हसन खां, डा. एसई हुदा, यामीन राइन, मोहिउद्दीन जीलानी, समरान खां, वसीम तहसीनी, नासिर कुरैशी, मोहसिन खां की दस्तारबंदी की गई। जुलूस के पूर्व जलसे में मुफ्ती सय्यद कफील अहमद व मुफ्ती सलीम नूरी ने गौस पाक का मरतबा बयान किया। संचालन मुस्तफा नूरी ने किया।