तीन साल के बाद आवास विकास परिषद ने बरेली शहर के विकास के लिए खजाने का मुंह खोल दिया है। परिषद की ओर से इस साल 10 करोड़ के विकास और निर्माण कराए जाने हैं, जिनमें से पहले फेज में सात करोड़ रुपये के काम कराने का फैसला लिया है। इन कामों को तीन महीने में पूरे कराने के निर्देश दिए हैं, जबकि तीन करोड़ रुपये से अप्रैल - मई के महीने में कराने का फैसला लिया जाएगा।
नगर निगम और बीडीए की तरह आवास विकास परिषद को भी समान रूप से 33 - 33 फीसदी रकम रजिस्ट्री शुल्क के रूप में मिल रही है। जिसे शहर के विकास पर खर्च कराने का नियम है। तीन साल से यह खर्च आवास विकास परिषद नहीं कर रहा था क्योंकि काम कराने के लिए प्रदेश मुख्यालय पर तैनात आवास आयुक्त एवं प्रमुख सचिव (आवास) से अनुमति लेनी होती है। अब अनुमति मिली है तो कमिश्नर प्रमांशु कुमार की अध्यक्षता में इस राशि को खर्च करने के लिए अवस्थापना निधि की मंगलवार को बैठक हुई है जिसमें प्रस्ताव पर सहमति बनी है। इस बैठक में डीएम गौरव दयाल, बीडीए उपाध्यक्ष शशांक विक्रम, नगर आयुक्त शीलधर यादव आदि अधिकारीगण उपस्थित थे।