बरेली। जंक्शन से गुजरकर महाकुंभ जाने वाली पांच स्पेशल ट्रेनों का संचालन दस और 11 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। रेलवे ने इन ट्रेनों के जरिये महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देते हुए सामान्य किराया लेने का फैसला लिया है। जबकि लॉकडाउन के दौरान चलने वाली अन्य स्पेशल ट्रेनों में तीन गुना किराया देना पड़ रहा है।
हरिद्वार में महाकुंभ का प्रमुख स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर होगा। इसके लिए रेलवे ने वाराणसी-हरिद्वार जनता एक्सप्रेस, हावड़ा-न्यू ऋषिकेश दून एक्सप्रेस, प्रयाग-हरिद्वार एक्सप्रेस, हावड़ा-न्यू ऋषिकेष उपासना और कुंभ एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन दस और 11 जनवरी से शुरू करने का निर्णय लिया है। ये सभी कोविड स्पेशल ट्रेनें हैं लेकिन श्रद्धालुओं को राहत देते हुए सामान्य किराया (लॉकडाउन से पूर्व वाला) लेने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत बरेली से हरिद्वार तक 210 रुपये में शयनयान श्रेणी और 125 रुपये में द्वितीय श्रेणी में यात्रा की जा सकेगी। जबकि लॉक डाउन के बाद दो जून 2020 से चलाई जा रही कोविड स्पेशल ट्रेनों में तीन गुना किराया वसूल जा रहा है। इसको लेकर यात्रियों में आक्रोश है, जिसके चलते बेहद जरूरी होने पर ही लोग यात्रा कर रहे हैं।
राप्ती गंगा के किराये में राहत नहीं
इस समय शनिवार को मुजफ्फरनगर से देहरादून और मंगलवार व बृहस्पतिवार को गोरखपुर से देहरादून तक जाने वाली कोविड स्पेशल राप्ती गंगा एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है। मगर इस ट्रेन के किराये में कोई राहत नहीं दी गई है।
तीन ट्रेनें रहीं रद्द, यात्री परेशान
बृहस्पतिवार को जयनगर-अमृतसर शहीद एक्सप्रेस, लालगढ़-डिब्रूगढ़ अवध असम एक्सप्रेस और आनंद विहार-रक्सौल सत्याग्रह एक्सप्रेस रद्द कर दी गईं। इसके चलते ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। वहीं, अवध असम एक्सप्रेस पहले से ही रद्द चल रही है। ऐसे में गिनी चुनी ट्रेनें ही पहुंचने से जंक्शन पर दिन भर सन्नाटा छाया रहा।
ट्रैकमैन की बहाली न होने पर एनआरएमयू ने किया प्रदर्शन
बरेली। नार्दर्न रेलवे मेंस यूनियन (एनआरएमयू) ने ट्रैकमैन अरुण कुमार की बहाली न होने पर मुरादाबाद के मंडल अभियंता के विरोध में जंक्शन पर नारेबाजी की। शाखा सचिव राजेश दुबे ने कहा कि एडीईएन की रिपोर्ट पर मंडल अभियंता ने अरुण कुमार की सेवा समाप्त कर दी जबकि वह निष्ठा से काम कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सैकड़ों ट्रैकमैन अधिकारियों के आवासों पर काम कर रहे हैं लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बता दें कि भिटौरा स्टेशन पर टूटी पटरी से सुहेल देव एक्सप्रेस गुजरने के मामले में अरुण कुमार को दोषी मानते हुए सेवा समाप्त की गई थी। प्रदर्शन करने वालों में मुर्शरफ खां, सुशील अरोरा, अब्दुल समद, बीआर सिंह, आरबी सिंह, राजेश कुमार आदि शामिल रहे। संवाद