रामगंगा में स्नान के बाद पूजा करतीं श्रद्धालु
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सर्वार्थ सिद्धि योग, हस्त नक्षत्र में बृहस्पतिवार को गंगा दशहरा का पर्व मनाया गया। बरेली जिले में रामगंगा के घाटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने आस्था की डुबकी लगाने के बाद पूजा-पाठ कर मां गंगा से सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। दान-पुण्य भी किया। गंगा दशहरा पर कुछ लोगों ने अपने पितरों की मोक्ष के लिए तर्पण किया। पूर्वजों की तृप्ति के लिए पिंडदान भी कराए। स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रहा।
हिंदू धर्म में गंगा को पवित्रता और मोक्ष का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, गंगा का उद्भव भगवान विष्णु के चरणों से हुआ। यह नदी भगवान शिव की जटाओं में निवास करती है। शिव ने अपनी जटाओं को सात धाराओं में विभाजित किया। इनमें से भागीरथी को ही गंगा के रूप में जाना जाता है, जो आत्मा को मुक्ति प्रदान करती है।
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जगह-जगह हुआ शरबत वितरण
रामगंगा के चौबारी घाट पर मेले जैसा नजारा दिखा। कतार से लगी दुकानों पर पूजा पाठ की सामिग्री सहित फूल व खान-पान और चाय-नाश्ते की व्यवस्था थी। वहीं पुलिस प्रशासन आदि के शिविर भी लगे थे। बृहस्पतिवार को भोर से ही आस्थावान गंगा में पुण्य स्नान के बाद दान भी करते दिखे। लोगों ने जगह-जगह प्याऊ लगाकर राहगीरों को शरबत पिलाया।