बरेली। साल की पहली गणेश चतुर्थी पर भक्तों ने गणेश जी का भोग लगाकर व्रत खोला और विघ्न बाधाओं के निवारण के लिए प्रार्थना की। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी पूजा से लेखन से जुड़े लोगों का भविष्य उज्जवल होता है।
बाधा, विघ्न और कष्टों के निवारण के लिए श्रद्धालुओं ने संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी का व्रत रखा। शाम को बेसन के लड्डू का भोग लगाकर ईश्वर से प्रार्थना की। पूस माह के कृष्ण पक्ष में शनिवार को संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी के व्रत में श्रद्धालुओं ने सुबह हाथ पर जल लेकर व्रत रहने का संकल्प किया। इसके बाद दिन में भगवान गणेश के नामों का जाप किया और धूप, अक्षत, पुष्प से मंत्रोच्चारण कर पूजा अर्चना की। मान्यता है कि कार्य में बाधा आने पर लोग गणेश जी की स्तुति करते हैं। पंडित राकेश पांडेय ने बताया कि लेखन कार्य करने वालों को गणेश जी की पूजा से लाभ मिलता है। संवाद