बरेली। गुजरात के अहमदाबाद निवासी रोशन पटेल की मनौना धाम में दर्शन के दौरान तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिवार पोस्टमॉर्टम कराए बिना ही शव को साथ ले गया।
गुजरात निवासी राजीव पटेल ने बताया कि अहमदाबाद जिले के इशनपुर कस्बा निवासी 40 वर्षीय रोशन पटेल उनके बहनोई थे। रोशन पटेल अहमदाबाद की एक गारमेंट की दुकान पर काम करते थे। बहनोई व बहन रीना पटेल के साथ वह तीनों आंवला के मनौना धाम मंदिर में शुक्रवार को दर्शन करने आए थे। दर्शन के बाद शनिवार को तीनों लोग बरेली के एक होटल में ठहरे हुए थे।
शनिवार रात करीब दो बजे रोशन पटेल की हालत कुछ बिगड़ी लेकिन थोड़ी देर बाद वह सो गए। रविवार सुबह करीब चार बजे उन्हें खून की उल्टी हुई और सीने में तेज जलन होने लगी। इसके बाद पत्नी और बच्चों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस उन्हें जिला अस्पताल लेकर आ रही थी लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिजन ने पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद डीप फ्रीजर एंबुलेंस के माध्यम से शव को अहमदाबाद ले जाया गया। रीना ने बताया कि उनका एक बेटा है।