बहेड़ी। पांच सालों से मेगा फूड पार्क बसाने की कवायद को सिस्टम अब तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंचा पाया है। कई और उद्योग भी जमीन अधिग्रहण जैसी महत्वपूर्ण औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद नहीं लग पाए। हालांकि कानपुर, लखनऊ, उत्तराखंड के भी कई उद्यमी यहां उद्योग लगाने के प्रस्ताव दे चुके हैं।
उम्मीद की जा रही थी कि मेगा फूड पार्क बसने से हजारों को रोजगार मिलेगा लेकिन यूपीएसआईडी पांच सालों में कोई ठोस आधार तक तैयार नहीं कर पाया। यहां सड़क, बिजली, संचार जैसी प्रमुख सुविधाएं मिलने का भी रास्ता साफ नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट के लिए केसर चीनी मिल की साढ़े तीन सौ एकड़ जमीन लीज खत्म होने के बाद अधिग्रहीत हुई थी। 50 एकड़ जमीन संकर पशु बंझा उत्थान केंद्र और गौशाला के निर्माण को दे दी गई। बाकी तीन सौ एकड़ जमीन पर मेगा फूड पार्क बनाया गया। इस पार्क को बसाने के लिए कई बार उद्यमियों से बैठकें हो चुकी हैं लेकिन यह कागजी कवायद कुछ हासिल नहीं कर पाई। मेगा फूड पार्क में सड़क और नाले भी नहीं बन पाये। बिजली के खंभे खडे हुए तो तार नहीं खिंचे। बिजली उपकेंद्र भी बनना शुरू नहीं हो पाया। ठेकेदार अपने भुगतान के लिए परेशान हैं। मेगा फूड पार्क को और विकसित करने को सौ एकड़ जमीन और चाहिए जिसका बंदोबस्त भी नहीं हो पाया है।