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2.71 अरब से स्वीकृत एसटीपी प्रोजेक्ट लटका, सरकारी जमीन न मिलने से नहीं भेज पा रहे प्रस्ताव

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बरेली। रामगंगा और नकटिया नदी में नालों का गंदा पानी जाने से रोकने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की राह में कोई न कोई रोड़ा लग जा रहा है। शहर में चार जगहों पर एसटीपी लगाने की अनुमति मिली है। इसमें केवल दो जगहों पर ही सरकारी जमीन उपलब्ध हैं। हालांकि शासन से इसकी भी मंजूरी आनी है, जबकि कतारपुर में जिस किसान की जमीन का अधिग्रहण होना है, वह विवादित मिली है। चौबारी के पास बरीनगला में किसान से जमीन के रेट अभी तय नहीं हो पाए हैं। डीएम नीतिश कुमार ने सिटी मजिस्ट्रेट को बरीनगला भेजकर किसान से बात भी कराई थी, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
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नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत चार जगहों पर एसटीपी बनाने के लिए 2.71 अरब मंजूर हो चुके हैं। जिला प्रशासन को एसटीपी लगाने के लिए जमीन उपलब्ध करानी है। इसके लिए हरूनगला में जमीन देखी गई थी, जो पूर्व में पुलिस विभाग को दी गई थी, जिसे अब वापस ले लिया गया है, जबकि तुलाशेरपुर में भी सरकारी जमीन मिल गई है। प्रशासन ने इन दोनों जगहों के प्रस्ताव भी बनाकर शासन में भेज दिए हैं, लेकिन दो माह बाद भी इनकी मंजूरी नहीं मिली है। उधर, बरीनगला और कतारपुर में जमीन न मिल पाने से प्रशासन प्रपोजल तक नहीं भेज सका है। कतारपुर में पहले जो सरकारी जमीन देखी गई थी, वह भूमि खाद के गड्ढे में दर्ज होने से उसका हस्तांतरण नहीं हो सकता। इसके बाद एक किसान की जमीन खरीदने की योजना बनी थी, लेकिन जांच में वह भूमि विवादित निकली है। अब दूसरा रास्ता खोज जा रहा है। बरीनगला में भी सरकारी जमीन न होने से एक किसान की जमीन खरीदने की कवायद चल रही है, लेकिन उसके रेट नहीं तय हो पा रहे। सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने गांव पहुंचकर किसान से बात की। उसे फिर से बात करने के लिए कलक्ट्रेट बुलाया है।
‘एसटीएमल लगाने का काम जल्द होना है। इसके लिए सिटी मजिस्ट्रेट चिह्नित जगह पर निरीक्षण करने गए थे। जो भी समस्याएं आ रही हैं, उन्हें जल्द दूर कराने की कोशिश हो रही है।’
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- नीतिश कुमार, जिलाधिकारी
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