बरेली। जिला पंचायत में प्रशासक की नियुक्ति के बाद विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है। प्रशासक के अधिकारों को लेकर शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। इससे करीब 70 करोड़ रुपये की प्रस्तावित विकास योजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
इसका सीधा असर जिला पंचायत के विकास कार्यों और भुगतान व्यवस्था पर पड़ रहा है। जिले की ग्राम पंचायतों में 49 किलोमीटर तक सड़कों का निर्माण प्रस्तावित था। इसके साथ ही नाला निर्माण, ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट और नई सड़कों जैसे बड़े कार्य भी शामिल थे। इन योजनाओं के लिए 70 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। प्रशासक के अधिकारों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस कारण निर्णय लेने में अड़चन आ रही है। यह स्थिति पिछले करीब दो माह से बनी हुई है। शासन से दिशानिर्देश मिलने के बाद ही इन योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
पुराने भुगतान भी अटके
नई विकास योजनाएं तो अटकी ही हैं, पहले कराए जा चुके कार्यों का भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। करीब चार करोड़ रुपये के पुराने भुगतान के लिए ठेकेदार जिला पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें अपने किए गए कार्यों का पैसा नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति ठेकेदारों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
वर्जन
जिला पंचायत प्रशासक के अधिकार संबंधी नवीन गाइडलाइन शासन स्तर से नहीं मिली है। गाइडलाइन मिलने के बाद विकास कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। - नीतू सिसौदिया, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत