20 करोड़ से यूनिवर्सिटी से हवाईअड्डे तक चौड़ी होगी सड़क फिर और जानें नहीं लेगी
हादसे रोकने के लिए मयूर वन चेतना केंद्र तक सड़क पर बनेगा डिवाइडर, सड़क के दोनों ओर से पीछे हटाए जाएंगे बिजली के खंभे
प्रमुख सचिव के निर्देश के बावजूद वन विभाग ने नहीं दिया पेड़ों को काटने का एस्टीमेट
बरेली। हादसों में कई लोगों की जान जाने के बाद पीलीभीत बाईपास पर विश्वविद्यालय से हवाई अड्डे तक पांच किलोमीटर की सड़क को सुरक्षित बनाने की कवायद शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी ने इस सड़क को फोरलेन करने के लिए 20 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। अब वन विभाग की एनओसी और पेड़ों के कटान का एस्टीमेट मिलने का इंतजार किया जा रहा है। बिजली के पोल हटाकर सड़क को चौड़ा किए जाने के साथ एक्सीडेंट जोन बन चुके मयूर वन चेतना केंद्र मोड़ पर डिवाइडर भी बनाया जाएगा।
पीलीभीत हाईवे के दोनों ओर आबादी बढ़ने के साथ ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। मयूर वन चेतना केंद्र के पास तीखा मोड़ होने की वजह से तमाम हादसे हो चुके हैं और उनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। अब इस रोड पर हवाईअड्डा भी बन गया है लिहाजा आने वाले समय में ट्रैफिक लोड के साथ हादसे और बढ़ने की आशंका है। इसी कारण पीलीभीत हाईवे पर विश्वविद्यालय से हवाईअड्डे तक के पांच किलोमीटर हिस्से को फोरलेन करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, पॉवर कॉरपोरेशन और वन विभाग की संयुक्त रूप से सर्वे कर डीपीआर बनाने का निर्देश दिया गया था। नवंबर में नोडल अफसर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने भी समीक्षा के दौरान इस बारे में पीडब्ल्यूडी अफसरों से पूछताछ की थी।
अब पीडब्ल्यूडी और पॉवर कारपोरेशन ने फोरलेन के लिए सर्वे कर लिया है। योजना के मुताबिक सड़क चौड़ी करने के लिए यहां सौ फुटा मोड़ से फीनिक्स मॉल और उसके आगे तक सड़क किनारे लगे बिजली के पोल शिफ्ट किए जाएंगे। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और पॉवर कारपोरेशन ने करीब 20 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। वन विभाग को पेड़ों का कटान का एस्टीमेट देना बाकी है। फोरलेन प्रोजेक्ट में मयूर वन चेतना केंद्र मोड़ भी शामिल है। यहां तीव्र मोड़ पर बार-बार हो रहे हादसों को रोकने के लिए डीएम नितीश कुमार ने परिवहन विभाग से जांच कराई थी जिसने यहां रोड चौड़ा कर डिवाइडर बनाए जाने का सुझाव दिया था।
पीलीभीत रोड को यूनिवर्सिटी से हवाईअड्डे तक फोरलेन करने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। पेड़ काटने के लिए अभी वन विभाग का एस्टीमेट आना बाकी है। शासन से बजट स्वीकृत होते ही इस काम का टेंडर कराया जाएगा। - वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी (निर्माण खंड-भवन)