बरेली। नवदिया झादा में बीसलपुर-रोड पर बनने वाला फ्लाईओवर अब बड़ा बाईपास पर बनाया जाएगा। इसका निर्माण भी पीडब्ल्यूडी के बजाय एनएचएआई करेगा। नवदिया झादा में बीसलपुर रोड पर खतरनाक कट के कारण आए दिन कई हादसे हो रहे थे। पीडब्ल्यूडी ने हादसे रोकने को इस रोड पर फ्लाईओवर बनाने के लिए सर्वे किया था। लेकिन एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपर से निकलने वाले इस फ्लाईओवर के लिए एनओसी देने से इंकार किया था। अब बड़ा बाईपास पर एनएचएआई खुद इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगा।
एनएच-24 पर शहर के बाहर रजऊ परसपुर और परसाखेड़ा के बीच एनएचएआई ने बड़ा बाईपास बनाया है। इस बाईपास पर नवदिया झादा के पास बरेली से बीसलपुर जाने वाली सड़क का कट है। बरेली या बीसलपुर की तरफ आने-जाने के दौरान वाहन चालकों को इस बड़े बाईपास को पार करते हुए निकलना पड़ता है। यहां सालभर में हादसों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हुए हैं। कुछ दिन पहले यह सड़क पीडब्ल्यूडी से नेशनल हाईवे (एनएच) को ट्रांसफर हो चुकी है। दिन ब दिन ट्रैफिक बढ़ने के साथ यहां एक्सीडेंट का खतरा भी बढ़ रहा है। इसे देखते हुए करीब सालभर पहले पीडब्ल्यूडी ने नवदिया झादा के पास बीसलपुर रोड के कट पर फ्लाईओवर बनाने की तैयारी थी। शुरूआती सर्वे में इस फ्लाईओवर की लंबाई कम से कम 1000 मीटर आंकी गई है, क्योंकि आने वाले समय में अगर बड़ा बाईपास आठ लेन या उससे भी ज्यादा चौड़ा हो तो फ्लाईओवर को लेकर दिक्कत न हो। इसके साथ एनएचएआई के मानकों के आधार पर फ्लाईओवर को पर्याप्त ऊंचाई भी दी जानी थी। बाद में एनएचएआई ने मानकों का हवाला देते हुए इस फ्लाईओवर को बनाने के लिए एनओसी देने से अड़ंगा लगा दिया। अब तैयारी चल रही है कि इस फ्लाईओवर को बरेली-बीसलपुर रोड पर बनाने के बजाय बड़ा बाईपास पर तैयार किया जाएगा। यह काम एनएचएआई को करना होगा। इसके लिए किसी से एनओसी लेने की जरूरत भी नहीं होगी। हालांकि एनएचएचआई के अधिकारी फिलहाल इस प्रोजेक्ट के बारे में कुछ बताने से इंकार कर रहे हैं।