बरेली। नगर निगम की नई बिल्डिंग बना रहे ठेकेदार के खिलाफ गड़बड़ियां करने का आरोप लगाते हुए पार्षद उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग पर अड़ गए हैं। नगर आयुक्त के बाद हालांकि मेयर के भी इन आरोपों को खारिज कर देने के बाद पार्षदों ने बगैर जांच कराए ठेकेदार को क्लीन चिट देने का कारण पूछा तो अब नगर आयुक्त ने उन्हें पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से बिल्डिंग की जांच कराने का भरोसा भी दिला दिया है।
नगर निगम सभागार में शनिवार को बोर्ड की बैठक के दौरान कई पार्षदों इसी मुद्दे को उठाया था। नगर आयुक्त और मेयर के सामने पार्षदों ने निर्माण में पीली ईंट इस्तेमाल किए जाने का दावा किया और बिल्डिंग के कभी भी ढह जाने तक की आशंका जताने लगे तो मेयर उमेश गौतम ने यहां तक कहा कि इसी बिल्डिंग में वह भी बैठेंगे और नगर निगम के उच्चाधिकारी और स्टाफ भी। लिहाजा उसके निर्माण में इतनी बड़ी गड़बड़ी की अनदेखी करके कोई स्टाफ की जान को जोखिम में नहीं डालेगा। मेयर के इस जवाब से मायूस पार्षदों ने इसके बाद नगर आयुक्त के सामने कार्रवाई की मांग दोहराई तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों से बिल्डिंग की जांच कराने का आश्वासन दे दिया।
एनजीटी के नियमों की अनदेखी पर भी सवाल
नगर निगम की नई बिल्डिंग के निर्माण के दौरान एनजीटी नियमों की अनदेखी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। चार मंजिला निर्माणाधीन बिल्डिंग को न ढका गया है न आसपास जाल लगवाया गया है। सुरक्षा बंदोबस्त न होने से ही पिछले दिनों दो मजदूर तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरे थे। विपुल लाला समेत कई पार्षदों का कहना है कि निर्माण जिन हालात में हो रहा है, उससे हर पार्षद और स्टाफ सशंकित है।