बरेली। आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के माहभर बाद भी रामगंगा नदी के अधूरे पुल को पूरा करने के लिए कवायद आगे नहीं बढ़ सकी है। सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी के अभियंता अब तक एस्टीमेट ही तैयार नहीं हो सके। नतीजा, पुल आज भी हवा में लटक रहा है।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता, बदायूं के अधिशासी अभियंता और सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक को आईआईटी की रिपोर्ट से अवगत करा चुके हैं, लेकिन एस्टीमेट बनने में देरी हो रही है। सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक का कहना है कि वह अनुमानित लागत का पत्र भेज चुके हैं। विस्तृत एस्टीमेट सोमवार तक बन जाएगा। वहीं, अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने लोक निर्माण विभाग बदायूं के अभियंताओं से अप्रोच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य के लिए एस्टीमेट जल्द तैयार करने के लिए कहा है।
विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर तैयार होगा एस्टीमेट
विशेषज्ञ अभियंताओं ने रामगंगा नदी के प्रवाह में बदलाव को अप्रोच रोड बहने की वजह माना है और बदले बहाव के मुताबिक पुल को विस्तार देने का सुझाव दिया है। अब पुल की लंबाई में करीब 150 मीटर का इजाफा होगा। इसमें करीब 16 करोड़ रुपये व्यय होने का आकलन सेतु निगम कर चुका है। अप्रोच रोड पर होने वाले व्यय का आकलन लोक निर्माण विभाग के अभियंता कर रहे हैं। जल्दी ही दोनों एस्टीमेट शासन को भेजे जाएंगे। ब्यूरो